जयपुर में जैश की स्लीपर सेल महिला गिरफ्तार
राजस्थान एटीएस ने मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली जानकारी के आधार पर जयपुर से बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा नामक एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिस पर जैश-ए-मोहम्मद की स्लीपर सेल होने का संदेह है। मूल रूप से सवाई माधोपुर की निवासी, उसे कथित तौर पर ऑनलाइन कट्टरपंथी बनाया गया, धर्मांतरित किया गया और खदीजा नाम अपनाया। जांच से पता चलता है कि वह पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में थी और संवेदनशील जानकारी जुटाने में शामिल थी। उसके मोबाइल फोन में कथित तौर पर 2016 के नगरोटा सेना शिविर हमले और 1999 के IC-814 अपहरण सहित बड़े आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड से जुड़े नंबर थे। अधिकारी उसके स्थानीय सहायक नेटवर्क और पाकिस्तान भागने की उसकी योजनाओं की जांच कर रहे हैं।
AI सारांश
3 bulletsजयपुर में जैश की स्लीपर सेल गिरफ्तार
राजस्थान आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने सैन्य खुफिया जानकारी के आधार पर जयपुर में बबीता धाकड़ नामक एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने खदीजा नाम अपना लिया था। उस पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के लिए स्लीपर सेल के रूप में काम करने का संदेह है। यह कार्रवाई आतंकी भर्ती की बढ़ती जटिलता को उजागर करती है।
ऑनलाइन कट्टरपंथ और धर्मांतरण
सवाई माधोपुर की मूल निवासी बबीता धाकड़ कथित तौर पर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने वाले ऑनलाइन समूहों और व्यक्तियों के संपर्क में आई। भारत विरोधी प्रचार के व्यापक ऑनलाइन संपर्क के बाद, उसने 'कलमा' पढ़कर ऑनलाइन इस्लाम में धर्मांतरण किया और बाद में अपना नाम बदलकर खदीजा रख लिया। इस परिवर्तन ने उसे एक सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिव के रूप में स्थापित कर दिया।
बड़े आतंकी सरगनाओं से संबंध
खदीजा के मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों के तकनीकी फोरेंसिक विश्लेषण से चौंकाने वाले संबंध सामने आए हैं। उसके संपर्कों और चैट इतिहास में कथित तौर पर मसूद अजहर के बहनोई, युसूफ अजहर, जो 1999 के IC-814 विमान अपहरण में शामिल था, और जैश कमांडर कारी जरार, जो 2016 के नगरोटा सेना शिविर हमले में एक प्रमुख आरोपी है, के नेटवर्क से जुड़े नंबर शामिल थे। यह वरिष्ठ आतंकी हस्तियों के साथ उसकी गहरी संलिप्तता को दर्शाता है।
जैश की 'जमात-उल-मुमिनात' विंग
जांच से जैश-ए-मोहम्मद की एक नई और खतरनाक रणनीति का खुलासा हुआ है: 'जमात-उल-मुमिनात' नामक एक विशेष महिला विंग का निर्माण। इस विंग का उद्देश्य भारत में महिलाओं और लड़कियों को ऑनलाइन माध्यमों से पहचानना, कट्टरपंथी बनाना और उनका स्लीपर सेल के रूप में उपयोग करना है। खदीजा इस नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण कड़ी थी और कथित तौर पर पहले से तय मार्ग से पाकिस्तान भागने की योजना बना रही थी।
स्थानीय सहयोगियों की तलाश
खदीजा से वर्तमान में एक अज्ञात स्थान पर सैन्य खुफिया और राजस्थान एटीएस की एक संयुक्त टीम द्वारा गहन पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य ध्यान उन संवेदनशील सूचनाओं की सीमा निर्धारित करना है जो उसने सीमा पार भेजी होंगी और राजस्थान के भीतर रसद, वित्तीय या तकनीकी सहायता प्रदान करने वाले किसी भी स्थानीय समर्थन प्रणाली की पहचान करना है। अन्य संभावित सहयोगियों को पकड़ने के लिए छापे मारे जा रहे हैं।
क्यों मायने रखता है
यह गिरफ्तारी ऑनलाइन कट्टरपंथ और आतंकी संगठनों द्वारा महिलाओं को स्लीपर सेल के रूप में इस्तेमाल करने के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, विशेषकर जैश-ए-मोहम्मद की 'जमात-उल-मुमिनात' नामक नई रणनीति को।
मुख्य तथ्य
- •Arrested Individual: Babita Dhakad alias Khadija
- •Terror outfit: Jaish-e-Mohammed (JeM)
- •Location of arrest: Jaipur, Rajasthan
- •Agencies involved: Rajasthan ATS and Military Intelligence
- •Linked terror incidents: 2016 Nagrota army camp attack, 1999 IC-814 hijack
- •Origin: Sawai Madhopur, Rajasthan
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