9 साल बाद DMK गठबंधन से अलग हो सकती है MDMK
वैको के नेतृत्व वाली MDMK शनिवार को अपनी आम परिषद की बैठक में DMK-गठबंधन से अलग होने की घोषणा कर सकती है। पार्टी ने पिछले नौ वर्षों से गठबंधन में अपने साथ हुए व्यवहार पर "गहरा दुख" व्यक्त किया है, जिसमें कथित अनादर और DMK के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने के लिए मजबूर होना शामिल है। यह पार्टी की उच्च-स्तरीय समिति की बैठक के बाद आया है, जहाँ पार्टी ने संबंध तोड़ने का इरादा जताया था। यदि MDMK अलग होती है, तो यह DMK गठबंधन छोड़ने वाली छठी पार्टी होगी, जो अब बढ़ते अलगाव का सामना कर रहा है। MDMK मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली नई TVK सरकार के साथ विकल्प तलाश सकती है।
AI सारांश
3 bulletsMDMK गठबंधन छोड़ने को तैयार
वैको के नेतृत्व वाली मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK) शनिवार को होने वाली अपनी आम परिषद की बैठक में DMK-गठबंधन से अलग होने का अंतिम निर्णय ले सकती है। यह फैसला नौ साल के जुड़ाव के बाद आया है, जिसके दौरान पार्टी का दावा है कि गठबंधन में उसके साथ हुए व्यवहार के कारण उसे "दर्द" और "गहरा दुख" हुआ है।
असंतोष के कारण
वैको ने DMK नेतृत्व के प्रति अपनी वफादारी और प्रयासों के बावजूद अपनी पार्टी के साथ हुए व्यवहार पर सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी और नाराजगी व्यक्त की है। उनके "दुख" का एक मुख्य कारण MDMK को DMK के 'उगते सूरज' चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने के लिए मजबूर करना था, जबकि अन्य सहयोगियों ने अपने स्वयं के पार्टी प्रतीकों का इस्तेमाल किया। उन्होंने उल्लेख किया कि DMDK जैसी छोटी पार्टियों को अधिक महत्व दिया गया।
आंतरिक चर्चा और भविष्य की योजनाएं
उच्च-स्तरीय समिति की बैठक में संबंध तोड़ने का इरादा जताया गया था, हालांकि MDMK के प्रमुख सचिव दुरई वैको ने कहा कि अंतिम निर्णय आम परिषद पर निर्भर करता है। ऐसे प्रबल संकेत हैं कि MDMK मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली नवगठित तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के साथ भविष्य के गठबंधन विकल्पों का पता लगा सकती है। बैठक में MDMK विधायक की अनुपस्थिति से इस अटकल को और बल मिला है।
DMK को बढ़ता अलगाव
यदि MDMK औपचारिक रूप से अलग होती है, तो मई विधानसभा चुनावों के बाद DMK के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन को छोड़ने वाली यह छठी पार्टी होगी। कांग्रेस पहले ही TVK सरकार में शामिल हो चुकी है, जबकि VCK और IUML भी शामिल हो गए हैं। CPI और CPI(M) ने विजय के नेतृत्व वाली सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया है, जिससे DMK के पास कम सहयोगी बचे हैं।
क्यों मायने रखता है
MDMK का DMK गठबंधन से संभावित अलगाव तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदल सकता है, जिससे DMK कमजोर हो सकती है और नवगठित TVK सरकार मजबूत हो सकती है। यह कदम बड़े गठबंधनों के साथ क्षेत्रीय दलों में बढ़ती असंतोष को दर्शाता है और राज्य में नए राजनीतिक पुनर्गठन को जन्म दे सकता है।
मुख्य तथ्य
- •Party: Marumalarchi Dravida Munnetra Kazhagam (MDMK)
- •Leader: Vaiko
- •Alliance: DMK-led alliance (Secular Progressive Alliance)
- •Duration in alliance: 9 years
- •Reason for exit: Perceived disrespect, forced to contest on DMK symbol, deep anguish
- •New potential alliance: Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) led by Chief Minister C. Joseph Vijay
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