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बिट्टू ने रेल राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दिया, पंजाब चुनावों पर ध्यान

Briovo· 24 Jul 2026, 09:28 pm IST
बिट्टू ने रेल राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दिया, पंजाब चुनावों पर ध्यान

रेल राज्य और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। बिट्टू, जो कांग्रेस छोड़कर 2024 में भाजपा में शामिल हुए थे, अब 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों पर ध्यान केंद्रित करने वाले हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में लुधियाना से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए थे। जून में उनका राज्यसभा कार्यकाल भी समाप्त हो गया था। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब भाजपा पंजाब में अपने चुनावी प्रदर्शन को सुधारने का लक्ष्य रख रही है, जहां उसने 2022 के विधानसभा चुनावों में केवल दो सीटें जीती थीं। पार्टी 2027 के चुनाव अकेले लड़ने की योजना बना रही है।

AI सारांश

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बिट्टू का इस्तीफा स्वीकार

रेल राज्य और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर तत्काल प्रभाव से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इस घटनाक्रम की पुष्टि शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के माध्यम से हुई।

पंजाब विधानसभा चुनावों पर ध्यान

सूत्रों के अनुसार, रवनीत सिंह बिट्टू से 2027 में होने वाले आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों पर अपने प्रयासों को केंद्रित करने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्रिपरिषद से उनका इस्तीफा राज्य की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह पंजाब में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के भाजपा के व्यापक उद्देश्यों के अनुरूप है।

हाल की राजनीतिक यात्रा

बिट्टू, जो पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं, कांग्रेस में एक प्रमुख हस्ती रहने के बाद 2024 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में लुधियाना से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन वह असफल रहे। उनका राज्यसभा कार्यकाल भी जून में समाप्त हो गया, जिससे इस नई राजनीतिक दिशा का मार्ग प्रशस्त हुआ।

2027 के लिए भाजपा की पंजाब रणनीति

भाजपा कथित तौर पर 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने की योजना बना रही है, शिरोमणि अकाली दल के साथ किसी भी गठबंधन से परहेज कर रही है। यह निर्णय इस महीने की शुरुआत में अकाली दल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना के बाद आया है। पार्टी का लक्ष्य 2022 के चुनावों में अपने प्रदर्शन में महत्वपूर्ण सुधार करना है, जहां उसने केवल दो सीटें जीती थीं।

क्यों मायने रखता है

रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा के भीतर एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है। राज्य की राजनीति पर उनका ध्यान एक महत्वपूर्ण चुनावी रणभूमि में पार्टी के अभियान को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है, जहां वह स्वतंत्र विकास का लक्ष्य रखती है।

मुख्य तथ्य

  • Resignation Date: Friday
  • Former Portfolio: MoS Railways and Food Processing Industries
  • Party Affiliation (2024): BJP (joined from Congress)
  • Election Focus: Punjab Assembly Elections 2027
  • 2024 Lok Sabha Result: Unsuccessful from Ludhiana
  • 2022 Punjab Assembly BJP Seats: 2 out of 117

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