महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य
महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य कर दिया है, जिसका मुख्य प्रभाव उत्तर भारतीय प्रवासियों पर पड़ रहा है। चालकों को मराठी पढ़ना, बोलना और समझना अनिवार्य है, और 17 अगस्त से अनुपालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। "हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी शिक्षण अभियान" के तहत 1 मई से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लगभग 1.10 लाख चालकों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है और परीक्षाएं भी आयोजित की जा रही हैं। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चालक स्थानीय भाषा में प्रभावी ढंग से संवाद कर सकें।
AI सारांश
3 bulletsऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्यता
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य भर में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। यह निर्देश मुख्य रूप से उत्तर भारतीय चालकों को प्रभावित करता है, जो मुंबई जैसे शहरों में परिवहन कार्यबल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। नए नियम के तहत चालकों को अपने पेशे को जारी रखने के लिए मराठी बोलने के साथ-साथ पढ़ना और समझना भी आवश्यक है।
प्रशिक्षण अभियान जारी
अनुपालन की सुविधा के लिए, 'हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी शिक्षण अभियान' 1 मई को शुरू किया गया था। यह पहल क्षेत्रीय परिवहन विभागों, साहित्यिक संगठनों और राज्य निकायों के साथ साझेदारी में गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालकों को प्रशिक्षण प्रदान करती है। यह अभियान मुंबई महानगरीय क्षेत्र और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में सक्रिय है।
समय सीमा और प्रवर्तन
जो चालक 17 अगस्त तक मराठी का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त नहीं कर पाते हैं, उन्हें अधिकारियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया है कि इस समय सीमा के बाद प्रवर्तन शुरू हो जाएगा। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई चालक, जो पहले अधूरी मराठी से काम चला रहे थे, अब दंड से बचने के लिए इसे सीखने को मजबूर हैं।
बड़ी भागीदारी और भाजपा की भूमिका
रविवार तक, 1.35 लाख चालकों ने मराठी प्रशिक्षण के लिए आवेदन किया था, जिनमें से 1.10 लाख पहले ही इसे पूरा कर चुके हैं। प्रशिक्षण के बाद परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, और जबकि अधिकांश उत्तीर्ण हो रहे हैं, असफल होने पर आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। मुंबई भाजपा के उत्तर भारतीय मोर्चा ने भी एक बड़ा मराठी पाठशाला शुरू की है, जिसने तीन दिनों में दस हजार से अधिक चालकों को प्रशिक्षित किया है और पूर्ण समर्थन का संकल्प लिया है।
क्यों मायने रखता है
यह आदेश हजारों ऑटो और टैक्सी चालकों, विशेष रूप से उत्तर भारतीय प्रवासियों को सीधे प्रभावित करता है, यदि वे मराठी सीखने में विफल रहते हैं तो उनकी आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। यह भाषाई नीतियों और प्रवासी आबादी वाले राज्यों में उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को भी उजागर करता है।
मुख्य तथ्य
- •Mandatory Date: August 17
- •Training Start Date: May 1
- •Applicants for Training: 1.35 lakh (as of Sunday)
- •Drivers Trained: 1.10 lakh
- •Auto Rickshaws in Mumbai: 3-4.5 lakh
- •Black: 60,000
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