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गोरखा ईएफआर में 1,000+ भर्तियां: सीएम अधिकारी का ऐलान

Briovo· 17 Jun 2026, 10:01 pm IST
गोरखा ईएफआर में 1,000+ भर्तियां: सीएम अधिकारी का ऐलान

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दार्जिलिंग में ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स (EFR) में 1,000 से अधिक भर्तियों की घोषणा की है, जिसमें 30% पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। ईस्ट इंडिया कंपनी के समय से जुड़ी बंगाल पुलिस की एक सशस्त्र इकाई, EFR में 15 वर्षों से अधिक समय से भर्ती बंद थी। इस कदम को गोरखा समुदाय की अस्मिता और इतिहास को पुनर्जीवित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिनका इस बल से गहरा संबंध है। EFR ने प्रमुख युद्धों और नक्सल विरोधी अभियानों में सेवा दी है और 1971 के भारत-पाक युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

AI सारांश

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सीएम ने किया बड़ी भर्ती का ऐलान

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दार्जिलिंग में ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स (EFR) के लिए एक बड़ी भर्ती अभियान की घोषणा की है। इस पहल के तहत 1,000 से अधिक गोरखा युवा बल में शामिल होंगे, जो 15 वर्षों से अधिक समय में पहली भर्ती है। यह घोषणा उनके दार्जिलिंग पहाड़ियों के पहले दौरे के दौरान की गई थी।

EFR में महिलाओं को सशक्त बनाना

घोषित भर्ती का एक प्रमुख पहलू महिलाओं के लिए 30% पदों का आरक्षण है। मुख्यमंत्री अधिकारी ने जोर दिया कि इस निर्णय का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें प्रतिष्ठित बल में शामिल करना है। इस कदम से क्षेत्र में लैंगिक समानता और अवसरों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

EFR का ऐतिहासिक महत्व

ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स पश्चिम बंगाल पुलिस की एक प्रतिष्ठित सशस्त्र इकाई है, जिसकी जड़ें ईस्ट इंडिया कंपनी के समय से जुड़ी हैं। अपनी बहादुरी के लिए जानी जाने वाली EFR का प्रमुख संघर्षों में सेवा का एक विशिष्ट इतिहास रहा है, जिसमें दोनों विश्व युद्ध, 1962 का भारत-चीन युद्ध, और 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध शामिल हैं। बल ने नक्सल विरोधी अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

गोरखा गौरव और पहचान का पुनरुद्धार

यह भर्ती अभियान केवल रोजगार सृजन के बारे में नहीं है, बल्कि गोरखा समुदाय के गौरव, इतिहास और सम्मान को पुनर्जीवित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। 'खुकरी', पारंपरिक गोरखा चाकू, EFR का आधिकारिक प्रतीक चिन्ह है, जो बल और समुदाय के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है। EFR में शामिल होना गोरखा परिवारों के बीच भारतीय सेना में सेवा के समान अत्यंत प्रतिष्ठा का विषय माना जाता है।

राजनीतिक निहितार्थ और आरोप

इस निर्णय को मुख्यमंत्री अधिकारी द्वारा उत्तर बंगाल में गोरखा समुदाय के साथ संबंधों को मजबूत करने के एक रणनीतिक राजनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा सांसद राजू बिस्टा ने इस घोषणा का स्वागत किया और आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली टीएमसी सरकार ने जानबूझकर EFR की उपेक्षा की और इसे खत्म करने का भी प्रयास किया। हालांकि, टीएमसी ने इन दावों का लगातार खंडन किया है और पहाड़ियों के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

क्यों मायने रखता है

15 साल के अंतराल के बाद ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स के लिए भर्ती अभियान गोरखा समुदाय में बेरोजगारी को कम करने और उनकी ऐतिहासिक सैन्य सेवा से जुड़े गौरव को बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कदम के राजनीतिक निहितार्थ भी हैं, जो उत्तर बंगाल में गोरखा समुदाय के साथ सत्तारूढ़ दल के संबंधों को मजबूत करेगा।

मुख्य तथ्य

  • Announcement Date: June 17, 2026
  • Recruitment Number: Over 1,000 Gorkha youth
  • Women Reservation: 30%
  • Last Recruitment: Before 2010 (more than 15 years ago)
  • Headquarters: Salua, West Medinipur

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