अल नीनो से सूखे की आशंका: अमित शाह ने की तैयारी की समीक्षा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अल नीनो प्रभाव और अपर्याप्त मानसून बारिश के कारण संभावित सूखे के लिए भारत की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित मंत्रालयों को राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने और किसानों की सहायता करने का निर्देश दिया। चर्चाओं में सूखा प्रतिरोधी फसलों को बढ़ावा देना, जलाशय के स्तर की निगरानी करना और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल था। जून 2026 में 1901 के बाद से पांचवां सबसे सूखा जून दर्ज किया गया, जिसमें सामान्य से 40% कम बारिश हुई। भारतीय मौसम विभाग ने जुलाई के लिए भी सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है, जिससे फसल बुवाई और पानी की कमी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। एक केंद्रीय टीम असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन भी करेगी।
AI सारांश
3 bulletsउच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार, 4 जुलाई 2026 को देश में संभावित सूखे की स्थिति से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कम बारिश और अल नीनो के प्रभाव पर चर्चा की।
मंत्रालयों और राज्यों के लिए निर्देश
समीक्षा के दौरान, अमित शाह ने सभी संबंधित मंत्रालयों को सतर्क रहने और राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया। प्राथमिक उद्देश्य किसानों की सहायता करना और कम बारिश के प्रभावों को कम करने के लिए आवश्यक उपाय लागू करना है, विशेष रूप से फसल के नुकसान के संबंध में।
कृषि और जल पर ध्यान
कृषि मंत्रालय को कम बारिश वाले क्षेत्रों के किसानों को ऐसी फसलें उगाने की सलाह देने के विशेष निर्देश मिले, जिन्हें कम पानी की आवश्यकता होती है, जैसे मोटे अनाज और दालें। जल संसाधन विभाग को पूरे देश के प्रमुख जलाशयों में जल स्तर की लगातार निगरानी करने का काम सौंपा गया ताकि समय पर निर्णय लिए जा सकें।
बिजली आपूर्ति और आवश्यक भंडार
बैठक में देश भर में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई, जो पानी की कमी के दौरान एक महत्वपूर्ण कारक है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि आवश्यक खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार वर्तमान में उपलब्ध है, और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
जून में बारिश की कमी और जुलाई का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जून 2026 में केवल 99.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 1901 के बाद से पांचवां सबसे सूखा जून है। यह सामान्य से 40% की महत्वपूर्ण कमी है। इसके अलावा, आईएमडी ने जुलाई के लिए सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है, जिससे कृषि गतिविधियों और पानी की उपलब्धता के संबंध में चिंताएं बढ़ गई हैं।
पूर्वोत्तर में बाढ़ की स्थिति
सूखे की चिंताओं के साथ-साथ, बैठक में असम और अरुणाचल प्रदेश में गंभीर बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। गृह मंत्रालय को इन राज्यों में तुरंत एक केंद्रीय टीम भेजने का निर्देश दिया गया ताकि जमीनी नुकसान का आकलन किया जा सके और प्रभावित क्षेत्रों को शीघ्र केंद्रीय सहायता प्रदान की जा सके।
क्यों मायने रखता है
गृह मंत्री द्वारा की गई यह समीक्षा अल नीनो और संभावित सूखे के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए सरकार के सक्रिय रुख को दर्शाती है, जिसका कृषि और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। सूखा प्रतिरोधी फसलों को बढ़ावा देना और आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
मुख्य तथ्य
- •Review Date: July 4, 2026
- •Home Minister: Amit Shah
- •Key Concern: El Niño & Low Monsoon Rain
- •June 2026 Rainfall Anomaly: 40% below normal
- •Driest June: 5th driest since 1901
- •July Outlook: Below normal rainfall forecast
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