फतेहगढ़ किसान लंबित बिजली कनेक्शनों के लिए प्रदर्शन पर
जैसलमेर के फतेहगढ़ में किसानों ने प्रदर्शन किया और उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर 1180 लंबित कृषि बिजली कनेक्शन तत्काल जारी करने की मांग की। इन कनेक्शनों के लिए लगभग तीन साल पहले डिमांड राशि जमा की जा चुकी है। किसानों ने अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के कनेक्शनों को भी ऊर्जान्वित करने, 132 केवी जीएसएस क्षमता वृद्धि सहित लंबित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा करने और प्रतिदिन छह घंटे कृषि बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किसान संघर्ष समिति ने किया। यह नवंबर में पहले उठाई गई मांगों के लिए एक लगातार प्रयास है।
AI सारांश
3 bulletsकिसानों ने लंबित बिजली कनेक्शनों की मांग की
जैसलमेर के फतेहगढ़ में, किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में किसानों ने स्थानीय उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांग 1180 लंबित सामान्य कृषि बिजली कनेक्शनों को तत्काल जारी करना है। कथित तौर पर ये कनेक्शन लगभग तीन साल से सक्रिय होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, भले ही किसानों द्वारा डिमांड फीस जमा कर दी गई हो।
अतिरिक्त मांगें और बुनियादी ढाँचे के मुद्दे
सामान्य कनेक्शनों के अलावा, किसानों ने विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC/ST) वर्ग के किसानों के लिए कृषि बिजली कनेक्शन फाइलों को तुरंत ऊर्जान्वित करने का भी आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा करने की मांग की, जिसमें 132 केवी सागड जीएसएस से फीडर में पृथक्करण का काम और 132 केवी सागड जीएसएस की क्षमता वृद्धि, जो लगभग एक साल से टिकी हुई है, शामिल है।
लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना
प्रदर्शनकारी किसानों की एक महत्वपूर्ण मांग कृषि उद्देश्यों के लिए लगातार और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना था। उन्होंने विशेष रूप से डांगरी 132 केवी जीएसएस को चालू करने का अनुरोध किया ताकि स्थानीय किसानों को लाभ मिल सके। इसके अलावा, उन्होंने अपनी कृषि गतिविधियों को प्रभावी ढंग से समर्थन देने के लिए प्रतिदिन छह घंटे नियमित कृषि बिजली आपूर्ति की मांग की।
नेतृत्व और पिछली अपीलें
विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन प्रस्तुत करने का नेतृत्व किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष कूप सिंह और राजेंद्र सिंह चारण ने किया। यह वर्तमान कार्रवाई कोई अलग घटना नहीं है; किसानों ने पहले भी नवंबर में मुख्यमंत्री को इसी तरह का ज्ञापन सौंपा था, जो उनकी मांगों से संबंधित लगातार मुद्दों को दर्शाता है। हाल के प्रस्तुतिकरण के दौरान सैकड़ों किसान मौजूद थे।
क्यों मायने रखता है
यह विरोध प्रदर्शन आवश्यक बुनियादी ढांचे में देरी के कारण किसानों के संघर्ष को उजागर करता है, जो कृषि उत्पादकता और आजीविका को प्रभावित करता है। सिंचाई के लिए समय पर बिजली कनेक्शन महत्वपूर्ण हैं।
मुख्य तथ्य
- •Number of pending connections: 1180
- •Duration of delay for connections: Approximately 3 years
- •Location of protest: Fatehgarh, Jaisalmer
- •Protest leaders: Kup Singh and Rajendra Singh Charan (Kisan Sangharsh Samiti)
- •Previous memorandum submission: November (earlier)
- •Daily electricity supply demand: 6 hours
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