जोधपुर ओपन जेल में कैदियों ने रचाई शादी
जोधपुर की मंडोर ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदी, मूलाराम भाटी (33) और सीमा (31) ने शादी कर ली। यह राजस्थान की किसी ओपन जेल के भीतर हुई अपनी तरह की पहली शादी है। दोनों कैदियों में जेल के कृषि कार्यक्रम के दौरान काम करते हुए प्यार हुआ था। 21 परिजनों की मौजूदगी में उन्होंने सभी रीति-रिवाजों के साथ शादी की। राजस्थान हाईकोर्ट ने शादी की अनुमति देते हुए यह टिप्पणी की थी कि जेल सुधार व्यवस्था का उद्देश्य अपराधियों को सिर्फ दंडित करना नहीं, बल्कि उनका पुनर्वास करना भी है। इस शादी में पारंपरिक रस्में, ढोल और वरमाला का कार्यक्रम भी शामिल था, जो सुधार और सामाजिक एकीकरण पर जोर देता है।
AI सारांश
3 bulletsजोधपुर ओपन जेल में ऐतिहासिक शादी
राजस्थान की ओपन जेलों के इतिहास में पहली बार, आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो दोषी, मूलाराम भाटी (33) और सीमा (31) ने मंडोर ओपन जेल में शादी की। ढोल और मालाओं सहित पारंपरिक धूमधाम से हुई इस शादी में दंपति के 21 परिजन शामिल हुए।
हाईकोर्ट का प्रगतिशील रुख
राजस्थान हाईकोर्ट ने शादी की अनुमति देते हुए इस बात पर जोर दिया कि दंड प्रणाली का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि पुनर्वास और सामाजिक पुनर्एकीकरण भी है। 2022 के 'नंदलाल बनाम राज्य' मामले का हवाला देते हुए, इस फैसले में दोषियों को गरिमापूर्ण जीवन जीने की अनुमति देने के महत्व पर जोर दिया गया है।
जेल में पनपा प्यार
नागौर के मूलाराम को दो साल पहले मंडोर ओपन जेल में स्थानांतरित किया गया था, जबकि मुंबई की सीमा लगभग 18 महीने पहले यहां आई थीं। ओपन जेलों की एक सामान्य विशेषता, जेल की कृषि गतिविधियों में एक साथ काम करते हुए उनके बीच संबंध पनपा। इस दैनिक संपर्क से शादी में समाप्त होने वाला एक अनोखा बंधन बना।
पारिवारिक सहयोग और पारंपरिक रस्में
शादी समारोह पूरे पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, जिसमें वैदिक मंत्रों के साथ 'वरमाला' (माला पहनाना) और 'फेरे' (पवित्र अग्नि के चारों ओर घूमना) शामिल थे। दोनों परिवार मौजूद थे, उत्सव के गीतों और संगीत के साथ समारोह में भाग ले रहे थे और युगल के फैसले का समर्थन कर रहे थे।
क्यों मायने रखता है
यह अभूतपूर्व शादी भारतीय जेलों के बढ़ते सुधारवादी दृष्टिकोण को सामने लाती है, जो कैदियों के केवल दंड के बजाय उनके पुनर्वास और समाज में पुनः एकीकरण पर केंद्रित है। यह न्यायिक और जेल सुधारों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करता है, जिसमें कारावास में भी मानवीय व्यवहार और मौलिक अधिकारों पर जोर दिया गया है।
मुख्य तथ्य
- •Inmates Married: Moolaram Bhati (33) and Seema (31)
- •Location: Mandore Open Jail, Jodhpur, Rajasthan
- •Legal Precedent: First open jail marriage in Rajasthan; High Court permitted, citing rehabilitation
- •Family Presence: 21 family members attended
- •Cause of Relationship: Developed while working in jail's agriculture program
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