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राजस्थान बॉर्डर पर जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार

Briovo· 17 Jun 2026, 04:48 pm IST2
राजस्थान बॉर्डर पर जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार

राजस्थान सीमा के पास भारतीय सेना की गतिविधियों पर नज़र रखने वाले एक जासूसी कैमरा नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पंजाब पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस ने अमृतसर निवासी अशोक कुमार और आकाशदीप सिंह को गिरफ्तार किया है। बठिंडा-मलोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले तीन महीने से सक्रिय एक सौर ऊर्जा संचालित सीसीटीवी कैमरा कथित तौर पर पाकिस्तान और कनाडा को लाइव फुटेज भेज रहा था। यह कैमरा राजस्थान, फाजिल्का और फिरोजपुर सीमा के पास सैन्य काफिलों और सुरक्षा बलों की निगरानी कर रहा था। अधिकारियों को संदेह है कि श्रीगंगानगर, बठिंडा, हनुमानगढ़ और कपूरथला जैसे अन्य रणनीतिक स्थानों पर भी इसी तरह के कैमरे लगाए गए हो सकते हैं। इस नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने और साझा की गई संवेदनशील जानकारी की सीमा का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

AI सारांश

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जासूसी नेटवर्क का खुलासा

राजस्थान सीमा पर भारतीय सेना की गतिविधियों की निगरानी के लिए एक सौर ऊर्जा संचालित सीसीटीवी कैमरे का उपयोग करने वाले एक परिष्कृत जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। यह कार्रवाई पंजाब पुलिस और काउंटर-इंटेलिजेंस विंग के संयुक्त प्रयास से हुई, जिसमें दो गिरफ्तारियां की गईं। लगभग तीन महीने से सक्रिय यह कैमरा बठिंडा-मलोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर रणनीतिक रूप से स्थापित किया गया था।

दो व्यक्ति गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र के सराय गांव निवासी अशोक कुमार और आकाशदीप सिंह के रूप में हुई है। उनसे नेटवर्क और उसके सरगनाओं के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस सीमा पार जासूसी में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

लाइव फुटेज विदेश भेजा जा रहा था

जांच से पता चला है कि जासूसी कैमरे से प्राप्त लाइव फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग पाकिस्तान और कनाडा में बैठे संदिग्ध तत्वों को भेजे जा रहे थे। इस कैमरे का उपयोग विशेष रूप से राजस्थान, फाजिल्का और फिरोजपुर सीमा के पास संचालित सैन्य काफिलों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की निगरानी के लिए किया जा रहा था। यह विदेशी विरोधियों के लिए संवेदनशील जानकारी जुटाने के एक सुविचारित प्रयास को इंगित करता है।

बड़े नेटवर्क का संदेह

कानून प्रवर्तन एजेंसियों को संदेह है कि गिरफ्तार व्यक्तियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर श्रीगंगानगर, बठिंडा, हनुमानगढ़ और कपूरथला सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी रेकी की होगी। यह आशंका भी है कि रणनीतिक मार्गों पर अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर इसी तरह के जासूसी कैमरे लगाए गए होंगे। बठिंडा एसएसपी द्वारा मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है।

चल रही जांच और स्थानीय समन्वय

श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने इस जासूसी मामले के संबंध में पंजाब पुलिस अधिकारियों से फीडबैक लिया है। हालांकि अभी तक श्रीगंगानगर से सीधे जुड़े किसी कैमरे का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, लेकिन एसपी ने पुष्टि की कि जिस क्षेत्र में कैमरा मिला है, वहां से सैन्य वाहन अक्सर गुजरते हैं। एहतियाती उपाय के तौर पर श्रीगंगानगर क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों का ऑडिट और सत्यापन किया जा रहा है।

क्यों मायने रखता है

यह घटना विदेशी तत्वों द्वारा संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय सैन्य गतिविधियों पर नज़र रखने के प्रयास से जुड़े एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे को उजागर करती है। जासूसी के लिए सौर ऊर्जा संचालित सीसीटीवी कैमरों जैसी उन्नत तकनीक का उपयोग एक गंभीर चुनौती पेश करता है, जिसके लिए राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा के लिए बढ़ी हुई सतर्कता और प्रति-खुफिया उपायों की आवश्यकता है।

मुख्य तथ्य

  • Arrests: 2 individuals (Ashok Kumar & Akashdeep Singh) from Amritsar
  • Location: Bathinda-Malout National Highway near Rajasthan Border
  • Device: Solar-powered CCTV camera
  • Duration of Surveillance: Approx. 3 months
  • Recipients of Footage: Pakistan and Canada
  • Monitored Areas: Rajasthan, Fazilka, Firozpur borders; potentially Sri Ganganagar, Bathinda, Hanumangarh, Kapurthala

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