बॉम्बे HC गडकरी की डीपफेक याचिका पर टेक दिग्गजों के खिलाफ करेगा सुनवाई
बॉम्बे उच्च न्यायालय 5 अगस्त को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मेटा, एक्स और गूगल के खिलाफ कथित एआई डीपफेक को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करेगा। गडकरी ने अपनी सिविल याचिका में दावा किया है कि मनगढ़ंत सामग्री उन्हें इथेनॉल नीति से व्यक्तिगत वित्तीय लाभ से जोड़ती है और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाती है। उनका तर्क है कि इथेनॉल कार्यक्रम पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा प्रशासित किया जाता है, न कि उनके द्वारा व्यक्तिगत रूप से। अदालत ने गडकरी के वकील को प्रतिवादियों को याचिका की प्रतियां सौंपने का निर्देश दिया है।
AI सारांश
3 bulletsगडकरी ने टेक दिग्गजों के खिलाफ मुकदमा दायर किया
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बॉम्बे उच्च न्यायालय में मेटा, एक्स कॉर्प, गूगल एलएलसी और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक दीवानी मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा ऑनलाइन प्रसारित हो रहे कथित एआई-जनित डीपफेक और मानहानिकारक पोस्टों के प्रसार से संबंधित है। गडकरी का तर्क है कि इन मनगढ़ंत पोस्टों ने उनकी प्रतिष्ठा को महत्वपूर्ण नुकसान पहुँचाया है।
डीपफेक और इथेनॉल नीति के दावे
गडकरी की शिकायत का मुख्य आधार एआई-जनित सामग्री है जो उन्हें इथेनॉल नीति से गलत तरीके से जोड़ती है। ये पोस्ट आरोप लगाते हैं कि उन्हें और उनके परिवार को इथेनॉल-मिश्रित ईंधन कार्यक्रम से आर्थिक लाभ हुआ है। गडकरी का कहना है कि ऐसे दावे निराधार हैं और उनका उद्देश्य उनके खिलाफ एक भ्रामक सार्वजनिक धारणा बनाना है।
माँगी गई राहत और अदालती कार्यवाही
अपनी याचिका में, गडकरी आरोपों से संबंधित सभी फर्जी और मनगढ़ंत सामग्री को तुरंत हटाने की मांग कर रहे हैं। वह ऐसी सामग्री के आगे प्रसार को रोकने के लिए स्थायी निषेधाज्ञा भी मांग रहे हैं। न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर ने गडकरी के वकील को अगली सुनवाई से पहले सभी नामित प्रतिवादियों को याचिका की प्रतियां सौंपने का निर्देश दिया है।
नीति प्रशासन पर स्पष्टीकरण
गडकरी ने स्पष्ट किया कि इथेनॉल-मिश्रण कार्यक्रम और ई20 नीति उनके द्वारा व्यक्तिगत रूप से प्रशासित नहीं की जाती है। इसके बजाय, ये पहल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दायरे में आती हैं। इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य डीपफेक द्वारा उनके प्रत्यक्षNitin Gadkari involvement and alleged personal gain के बारे में बनाई गई झूठी धारणा को दूर करना है।
अगली सुनवाई निर्धारित
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने इस महत्वपूर्ण मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को निर्धारित की है। इस सुनवाई का परिणाम भारत में प्रमुख सोशल मीडिया और खोज प्लेटफार्मों पर डीपफेक सामग्री और दुष्प्रचार से निपटने के तरीके के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है।
क्यों मायने रखता है
यह मामला एआई-जनित दुष्प्रचार और सार्वजनिक हस्तियों तथा राजनीतिक विमर्श पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंता को उजागर करता है, जिससे प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर सवाल उठते हैं।
मुख्य तथ्य
- •Hearing Date: August 5
- •Parties Sued: Meta, X, Google, unknown persons
- •Allegation: AI deepfakes linking Gadkari to personal financial gain from ethanol policy
- •Relief Sought: Immediate content takedown, permanent injunction
- •Court Directive: Serve copies of suit to respondents
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