उत्तराखंड में मानसून जुलाई तक टला, मैदानी इलाकों में गर्मी
उत्तराखंड में मानसून जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंचने की संभावना है, जो अल नीनो और लंबे समय तक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण देरी से आ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में प्री-मानसून बारिश और गरज-चमक जारी रहेगी, वहीं हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और उमस बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन मानसून के पैटर्न को पश्चिमी भारत की ओर स्थानांतरित कर रहा है, जिससे हिमालयी राज्य प्रभावित हो रहे हैं। मार्च-अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश के कारण भूमि के पर्याप्त गर्म न होने और अल नीनो की बढ़ती सक्रियता को मानसून में देरी का कारण बताया जा रहा है।
AI सारांश
3 bulletsउत्तराखंड में मानसून में देरी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का अनुमान है कि इस साल उत्तराखंड में मानसून जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंचेगा। इस देरी का कारण अल नीनो का प्रभाव और मार्च-अप्रैल तक सक्रिय रहे पश्चिमी विक्षोभ को बताया गया है। आमतौर पर, पश्चिमी विक्षोभ दिसंबर और फरवरी के बीच अधिक सक्रिय रहते हैं।
अल नीनो और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के वरिष्ठ पर्यावरण विज्ञानी डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि अल नीनो धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है और जुलाई-अगस्त तक इसका प्रभाव बढ़ने की उम्मीद है। इस घटना, पश्चिमी विक्षोभों की निरंतरता के साथ मिलकर, भूमि की सामान्य ताप प्रक्रिया को बाधित किया है, जो मानसून के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे इसकी प्रगति कमजोर पड़ गई है।
विभिन्न क्षेत्रों में बदलता मौसम
मानसून आने तक, उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों, जैसे उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इसके विपरीत, हरिद्वार और उधम सिंह नगर के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और उमस जारी रहेगी, और आने वाले दिनों में कोई खास राहत की उम्मीद नहीं है।
जलवायु परिवर्तन और मानसून पैटर्न
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन पारंपरिक मानसून पैटर्न को काफी बदल रहा है। मानसूनी गतिविधियों में पश्चिमी भारत की ओर एक उल्लेखनीय बदलाव देखा जा रहा है, जिसका परिणामस्वरूप उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्यों पर भी असर पड़ रहा है। यह व्यापक जलवायु परिवर्तन मानसून के आगमन में देखी जा रही देरी और अनियमितताओं में योगदान देता है।
आगामी सप्ताह का मौसम पूर्वानुमान (24-29 जून)
24 जून से 29 जून तक, पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का अनुमान है। अन्य पहाड़ी इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, हरिद्वार और उधम सिंह नगर के मैदानी इलाके इस अवधि के अधिकांश समय तक शुष्क रहने की उम्मीद है, सप्ताह के अंत तक हल्की बारिश की केवल थोड़ी संभावना है।
क्यों मायने रखता है
मानसून की देरी से मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ेगी और क्षेत्र की कृषि योजना प्रभावित होगी, जिससे स्थानीय आजीविका और जल संसाधनों पर असर पड़ेगा।
मुख्य तथ्य
- •Monsoon Arrival: First week of July
- •Delay Cause: El Niño and prolonged Western Disturbances
- •Hilly Regions Forecast: Pre-monsoon showers, thunderstorms
- •Plains Forecast: Intense heat and humidity
- •Affected Districts (Plains): Haridwar, Udham Singh Nagar
- •Climatic Shift: Monsoon pattern shifting towards Western India
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