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सोनिया गांधी ने गाजा पर सरकार की चुप्पी पर साधा निशाना, नैतिकता व राष्ट्रीय हित की…

Briovo· 27 Jun 2026, 01:31 pm IST
सोनिया गांधी ने गाजा पर सरकार की चुप्पी पर साधा निशाना, नैतिकता व राष्ट्रीय हित की…

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गाजा संघर्ष पर मोदी सरकार की चुप्पी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारत की मौजूदा स्थिति उपनिवेशवाद-विरोधी और अंतरराष्ट्रीय शांति के ऐतिहासिक विदेश नीति सिद्धांतों से विचलित होती है, जिससे राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुँच रहा है। गांधी ने फिलिस्तीन, ईरान और अन्य पश्चिमी एशियाई देशों जैसे पारंपरिक सहयोगियों से दूर जाने का आरोप लगाया, जिससे भारत की कूटनीतिक स्थिति कमजोर हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने उनके विचारों का समर्थन किया, एक स्वतंत्र और मानवीय विदेश नीति की आवश्यकता पर जोर दिया। सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पहले शांति और द्वि-राज्य समाधान का समर्थन किया था।

AI सारांश

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गांधी ने गाजा पर सरकार की चुप्पी को घेरा

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर गाजा में चल रहे संघर्ष को लेकर उसकी चुप्पी के लिए कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि गाजा में इजरायल की कार्रवाई पर सरकार की चुप्पी नैतिक रूप से गलत है और यह भारत के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है।

पारंपरिक सहयोगियों से दूरी का आरोप

गांधी ने सरकार पर भारत को फिलिस्तीन, ईरान और अन्य मध्य पूर्वी देशों सहित अपने पारंपरिक सहयोगियों से दूर करने का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि इस बदलाव ने वैश्विक मंच पर भारत की कूटनीतिक स्थिति को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यह पाकिस्तान के लिए एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने का अवसर पैदा करता है जिसे भारत ऐतिहासिक रूप से निभाता रहा है।

विदेश नीति के सिद्धांतों पर सवाल

सोनिया गांधी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत की ऐतिहासिक विदेश नीति उपनिवेशवाद-विरोध, राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय शांति के सिद्धांतों में निहित रही है। उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान प्रशासन इन मूलभूत मूल्यों से भटक रहा है, जिससे देश के अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर असर पड़ रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने गांधी के रुख का समर्थन किया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोनिया गांधी की आलोचना का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके लेख में भारत की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं और गाजा मुद्दे पर एक स्वतंत्र, मानवीय और नैतिक रूप से स्पष्ट रुख अपनाने का आह्वान किया गया है।

सरकार की पूर्व स्थिति और भविष्य की बहस

सोनिया गांधी के हालिया बयानों पर मोदी सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। हालांकि, गाजा और पश्चिम एशिया से संबंधित पिछले अवसरों पर, सरकार ने शांति, संवाद और द्वि-राज्य समाधान के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की है। गांधी की टिप्पणियों से इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की उम्मीद है।

क्यों मायने रखता है

सोनिया गांधी द्वारा गाजा मुद्दे पर सरकार की विदेश नीति की कड़ी आलोचना राजनीतिक बहस को तेज कर सकती है और मध्य पूर्व संघर्ष पर भारत के कूटनीतिक दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकती है।

मुख्य तथ्य

  • Criticism Source: Sonia Gandhi, Congress Parliamentary Party Chairperson
  • Issue: Modi Government's silence on Gaza conflict
  • Alleged Impact: Deviates from historical foreign policy, harms national interests, weakens diplomatic position
  • Affected Allies: Palestine, Iran, West Asian nations
  • Supporters: Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi
  • Government Stance (Prior): Supports peace, dialogue, two-state solution

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