जैश संदिग्ध बबीता उर्फ खदीजा का 'डंकी रूट' से पाकिस्तान भागने का प्लान
जयपुर एटीएस ने वाटिका से जैश-ए-मोहम्मद की संदिग्ध एजेंट बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ है कि वह बिना पासपोर्ट के नेपाल और यूएई के रास्ते 'डंकी रूट' से अवैध रूप से पाकिस्तान भागने की फिराक में थी। यह रूट अक्सर मानव तस्करी के लिए इस्तेमाल होता है और इसमें आधिकारिक चैनलों से बचना शामिल है। करौली की मूल निवासी बबीता ने ऑनलाइन इस्लाम कबूल कर लिया था और कथित तौर पर एक पाकिस्तानी हैंडलर से शादी भी कर ली थी। एटीएस उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके और उसके फोन से हटाए गए डेटा को बरामद किया जा सके, जिसमें उसके सहयोगियों और प्रचार सामग्री के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी होने का संदेह है। वह 27 जून तक पुलिस रिमांड पर है।
AI सारांश
3 bulletsगिरफ्तारी और प्रारंभिक खुलासे
जयपुर एटीएस ने जयपुर के वाटिका इलाके से बबीता धाकड़, जिसे खदीजा के नाम से भी जाना जाता है, को हिरासत में लिया है। उस पर जैश-ए-मोहम्मद का एजेंट होने का संदेह है। सबसे चिंताजनक खोज यह है कि उसने बिना वैध पासपोर्ट के एक अवैध 'डंकी रूट' के माध्यम से पाकिस्तान पहुंचने की विस्तृत योजना बनाई थी।
‘डंकी रूट’ का स्पष्टीकरण
‘डंकी रूट’ अवैध तरीके से, वैध दस्तावेजों के बिना अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार करने की एक विधि को संदर्भित करता है, जिसमें अक्सर मानव तस्करी सिंडिकेट शामिल होते हैं। यह पंजाबी शब्द ‘डोंकी’ से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ है अवैध रूप से कूदना या पार करना। यह मार्ग व्यक्तियों को दुर्गम इलाकों को पार करने के लिए मजबूर करता है, जैसे गधों द्वारा बोझ ढोया जाता है।
खदीजा की पलायन रणनीति
बबीता के हैंडलर, जिनमें अबू उबैदाह भी शामिल था, ने एक बहु-चरणीय योजना तैयार की थी। इसमें पहले उसे नेपाल या यूएई जैसे देशों की यात्रा करना शामिल था, जहाँ भारतीयों के लिए वीजा नियम आसान हैं। वहाँ से, पाकिस्तानी खुफिया नेटवर्क और जाली दस्तावेजों की मदद से, उसे अवैध रूप से पाकिस्तान में प्रवेश कराया जाना था।
ऑनलाइन कट्टरता और धर्मांतरण
करौली की मूल निवासी बबीता जयपुर में रह रही थी और एक दशक से अधिक समय से अपने पति से अलग थी। उसके अकेलेपन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग ने उसे पाकिस्तानी हैंडलर अबू उबैदाह से संपर्क में ला दिया। उसने ऑनलाइन इस्लाम कबूल कर खदीजा नाम अपनाया, और कथित तौर पर उससे ऑनलाइन शादी भी कर ली।
डिलीट किया गया डेटा और चल रही जांच
अपनी गिरफ्तारी से पहले, बबीता ने अपने स्मार्टफोन से चैट हिस्ट्री, वॉयस नोट्स और कॉन्टैक्ट्स सहित भारी मात्रा में डेटा हटाने की कोशिश की थी। एटीएस की साइबर और फोरेंसिक टीम इस डेटा को रिकवर करने में जुटी है। जांच का उद्देश्य उसके स्थानीय सहयोगियों और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े व्यक्तियों की पहचान करना है।
क्यों मायने रखता है
यह मामला ऑनलाइन कट्टरता के बढ़ते खतरे और आतंकी गुर्गों द्वारा सीमा पार आवाजाही के लिए अवैध मार्गों के उपयोग को उजागर करता है। आतंकी संगठनों से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी सिंडिकेट की संलिप्तता एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चिंता का विषय है।
मुख्य तथ्य
- •Arrest Location: Vatika, Jaipur
- •Suspect's Original Name: Babita Dhakad
- •Suspect's Alias: Khadija
- •Affiliation: Jaish-e-Mohammed
- •Escape Plan: Donkey Route via Nepal/UAE to Pakistan
- •Remand Duration: Until June 27
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