कर्नाटक CM: बिदादी टाउनशिप के लिए जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बढ़ते विरोध के बीच बिदादी टाउनशिप परियोजना के लिए किसानों की भूमि जबरन अधिग्रहित नहीं करने का आश्वासन दिया है। यह घोषणा एक हिंसक भूमि सर्वेक्षण के बाद हुई, जिसमें किसानों ने सहमति न होने का आरोप लगाया था। शिकायतों और कानूनी पहलुओं की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की जाएगी। शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि यह उनकी "ड्रीम प्रोजेक्ट" नहीं है, बल्कि पिछली सरकारों की पहल है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर 2006 में परियोजना शुरू करने का भी आरोप लगाया। भाजपा ने 17 जुलाई को परियोजना के खिलाफ धरने की योजना बनाई है, जिसमें किसानों के खिलाफ मामलों को वापस लेने की मांग की गई है। ₹18,000 करोड़ की यह परियोजना एक राजनीतिक टकराव का बिंदु बन गई है।
AI सारांश
3 bulletsसीएम ने जबरन भूमि अधिग्रहण न करने का आश्वासन दिया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना के लिए किसी भी किसान की भूमि को जबरन अधिग्रहित नहीं करने का आश्वासन दिया है। यह बयान योजना का विरोध कर रहे किसानों के बढ़ते विरोध के जवाब में आया है। सीएम ने जोर दिया कि केवल इच्छुक किसानों को ही उनकी जमीन का मुआवजा दिया जाएगा, और अनिच्छुक लोग बिना किसी दबाव के खेती जारी रख सकते हैं।
शिकायतों के समाधान के लिए समिति
विरोध प्रदर्शनों के बाद, राज्य सरकार किसानों की शिकायतों को सुनने और बिदादी टाउनशिप परियोजना के कानूनी पहलुओं की जांच के लिए एक समिति का गठन करेगी। यह समिति परियोजना के कार्यान्वयन की समीक्षा करेगी और आगे की कार्रवाई के लिए राज्य मंत्रिमंडल को सिफारिशें प्रस्तुत करेगी। इस कदम का उद्देश्य कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले पारदर्शिता सुनिश्चित करना और चिंताओं को दूर करना है।
परियोजना का ऐतिहासिक संदर्भ
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि बिदादी टाउनशिप परियोजना उनकी "ड्रीम प्रोजेक्ट" नहीं है, बल्कि पिछली सरकारों द्वारा शुरू की गई पहलों की निरंतरता है। उन्होंने आधिकारिक रिकॉर्ड प्रस्तुत किए, जिसमें दिखाया गया कि यह प्रस्ताव 2006 में एचडी कुमारस्वामी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया था। बाद में, 2010 में बीएस येदियुरप्पा सरकार द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से परियोजना को आगे बढ़ाया गया था।
राजनीतिक आर-पार और विपक्ष
₹18,000 करोड़ की बिदादी टाउनशिप परियोजना कर्नाटक में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गई है। विपक्षी भाजपा और जद (एस) ने सत्ताधारी कांग्रेस पर किसानों को गुमराह करने और भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने 17 जुलाई को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में एक दिन के धरने की घोषणा की है, जिसमें किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और परियोजना का विरोध करने की मांग की गई है।
क्यों मायने रखता है
बिदादी टाउनशिप परियोजना कर्नाटक में शहरी विकास और किसानों के अधिकारों के बीच संघर्ष को उजागर करती है, जिससे राजनीतिक तनाव और विरोध प्रदर्शन बढ़ गए हैं।
मुख्य तथ्य
- •Project Cost: ₹18,000 crore
- •CM's Assurance: No forced land acquisition
- •Date of Protest: July 17 (BJP's planned sit-in)
- •Project Origin: Initiated in 2006 under CM Kumaraswamy
- •Location: Bidadi, Karnataka
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…