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भारत-ब्रिटेन FTA सिर्फ व्यापार से बढ़कर, द्विपक्षीय संबंधों को करेगा मजबूत: विदेश…

Briovo· 19 Jun 2026, 08:05 pm IST
भारत-ब्रिटेन FTA सिर्फ व्यापार से बढ़कर, द्विपक्षीय संबंधों को करेगा मजबूत: विदेश…

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (FTA) सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि इसमें प्रौद्योगिकी भी शामिल है और यह दोनों देशों के लोगों के लिए नए अवसर खोलेगा। उन्होंने पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की G7 शिखर सम्मेलन यात्रा के संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात कही। व्यापक आर्थिक और व्यापार भागीदारी (CETA) 15 जुलाई को लागू होने वाली है, जिससे वर्तमान वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार 48 बिलियन पाउंड से काफी बढ़ने की उम्मीद है। मिसरी ने जोर दिया कि यह समझौता समग्र भारत-ब्रिटेन संबंधों पर व्यापक प्रभाव डालेगा और दोनों देशों के बीच अधिक गतिशीलता को सुगम बनाएगा। दोनों देशों के व्यवसाय अपनी विस्तार योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए इसके कार्यान्वयन को लेकर उत्सुक हैं।

AI सारांश

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FTA: एक व्यापक साझेदारी

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जोर देकर कहा कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पारंपरिक व्यापार सीमाओं से परे है, जिसमें प्रौद्योगिकी शामिल है और दोनों देशों के नागरिकों के लिए अधिक गतिशीलता को बढ़ावा देता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह समझौता नए अवसर पैदा करने और पूरी तरह से आर्थिक विचारों से परे, समग्र द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

CETA का कार्यान्वयन और आर्थिक बढ़ावा

व्यापक आर्थिक और व्यापार भागीदारी (CETA) 15 जुलाई को प्रभावी होने वाली है। FTA का यह प्रमुख घटक वर्तमान वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार मात्रा को काफी बढ़ाने का अनुमान है, जो 48 बिलियन पाउंड आंका गया है। इस कदम से भारत और ब्रिटेन दोनों में व्यवसायों को लाभ होने की उम्मीद है, जो इसके कार्यान्वयन के लिए सक्रिय रूप से तैयारी कर रहे हैं।

घोषणा का संदर्भ: G7 शिखर सम्मेलन

FTA के व्यापक दायरे और CETA के कार्यान्वयन की तारीख से संबंधित घोषणा विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने पेरिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। यह ब्रीफिंग G7 शिखर सम्मेलन के मौके पर हुई, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापार, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न द्विपक्षीय चर्चाओं में भाग लिया।

द्विपक्षीय संबंधों पर प्रभाव

विदेश सचिव ने जोर दिया कि CETA का प्रभाव व्यापक भारत-ब्रिटेन संबंधों पर महत्वपूर्ण रूप से पड़ेगा, जो केवल आर्थिक आंकड़ों से आगे बढ़ेगा। इस समझौते की कल्पना दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे संबंधों और सुगम बातचीत को बढ़ावा देने के लिए की गई है, जिससे आर्थिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक आदान-प्रदान भी बढ़ेगा।

भारत-फ्रांस संबंध मजबूत हुए

ब्रिटेन समझौते के अलावा, विदेश सचिव मिसरी ने भारत-फ्रांस संबंधों की मजबूत प्रकृति का भी विस्तार से वर्णन किया, इसे विश्व स्तर पर सबसे मजबूत संबंधों में से एक बताया। उन्होंने रक्षा, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सक्रिय सहयोग का उल्लेख किया, साथ ही बहुपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर महत्वपूर्ण तालमेल को एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी का आधार बताया।

क्यों मायने रखता है

भारत-ब्रिटेन FTA, विशेष रूप से CETA, एक ऐतिहासिक समझौता है जो व्यापार से परे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा, जिससे प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच आदान-प्रदान प्रभावित होगा।

मुख्य तथ्य

  • Agreement Name: India-U.K. Free Trade Agreement (FTA) / Comprehensive Economic and Trade Partnership (CETA)
  • Implementation Date: July 15
  • Current Annual Bilateral Trade: 48 billion pounds
  • Official: Foreign Secretary Vikram Misri
  • Location of Announcement: Paris, during G7 Summit
  • Broader Impact: Beyond trade and technology, opens doors for people in both countries

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