कर्नाटक ने संगठित अपराधों पर नकेल कसने के लिए राज्यव्यापी एंटी-गुंडा दस्ते बनाए

कर्नाटक पुलिस ने 4 जून को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के निर्देश के बाद राज्य भर में समर्पित एंटी-गुंडा दस्ते (Anti-Rowdy Squads) गठित किए हैं। ये दस्ते, प्रत्येक पुलिस सर्कल और थाना स्तर पर बनाए जाएंगे, इनका उद्देश्य संगठित अपराध और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ निगरानी बढ़ाना, आपराधिक नेटवर्कों को खत्म करना और निवारक कानूनों को लागू करना है। इनकी जिम्मेदारियों में आपराधिक मामलों का सत्यापन करना, नई गुंडा शीट खोलना, गुंडा तत्वों पर अद्यतन जानकारी बनाए रखना और गुंडा अधिनियम तथा KCOCA जैसे कानूनों के तहत निवारक कार्रवाई करना शामिल है। जवाबदेही और प्रभावी प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए पाक्षिक और मासिक समीक्षा अनिवार्य की गई है।
क्यों मायने रखता है
यह पहल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यूपीएससी/एसएससी के लिए, यह अपराध नियंत्रण (जीएस-III आंतरिक सुरक्षा) में राज्य के प्रयासों और संगठित अपराध के खिलाफ नीति कार्यान्वयन पर प्रकाश डालता है।
मुख्य तथ्य
- •Date of directive: June 5 (circular), June 4 (CM deliberations)
- •Responsible authority for squad formation: Sub-Divisional Police Officer (SDPO) or Assistant Commissioner of Police (ACP)
- •Review frequency for Circle Inspectors/Station House Officers: Fortnightly
- •Review frequency for SDPOs/ACPs: Monthly
- •Key legislations for preventive action: Goonda Act, Karnataka Control of Organised Crimes Act (KCOCA)
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