ओडिशा: कांस्टेबल उत्पीड़न आरोप में IPS निलंबित
ओडिशा में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दयाल गंगwar को जीआरपी कांस्टेबल सौम्या रंजन स्वैन के परिवार द्वारा लगाए गए मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। स्वैन को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। स्वैन के परिवार ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (संचार) गंगवार ने उन्हें प्रताड़ित किया था। जांच में सामने आया कि गंगवार ने बिना अनुमति के आठ जीआरपी कर्मियों को घरेलू काम में लगा रखा था, जिसमें स्वैन भी शामिल था। स्वैन की मौत की जांच के दौरान गंगवार का नाम सामने आने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने निलंबन का आदेश दिया। इस घटना से व्यापक आक्रोश है और अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है।
AI सारांश
3 bulletsवरिष्ठ आईपीएस अधिकारी निलंबित
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के आदेश पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दयाल गंगवार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दिवंगत जीआरपी कांस्टेबल सौम्या रंजन स्वैन के परिवार द्वारा लगाए गए मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोपों के बाद हुई है। गंगवार, जो उस समय गृह विभाग में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के पद पर तैनात थे, पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
कांस्टेबल की दुखद मृत्यु
जीआरपी कांस्टेबल सौम्या रंजन स्वैन को 7 मई, 2026 को भुवनेश्वर के बलियंता थाना क्षेत्र में एक भीड़ द्वारा कथित तौर पर पीट-पीटकर मार डाला गया था। यह घटना एक महिला द्वारा एक मामूली वाहन टक्कर के बाद स्वैन पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाने के बाद हुई। इस दुखद घटना ने पूरे राज्य में व्यापक आक्रोश पैदा किया था।
परिवार के उत्पीड़न के आरोप
स्वैन के परिवार ने दयाल गंगवार पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सीधा आरोप लगाया, जिसमें कहा गया कि गंगवार, जो उस समय अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (संचार) थे, ने उनके बेटे का शोषण किया था। उन्होंने मांग की कि गंगवार को जांच के दायरे में लाया जाए, यह दावा करते हुए कि उनकी स्वैन की मौत से जुड़ी परिस्थितियों में भूमिका थी। यह आरोप गंगवार के निलंबन के निर्णय का एक प्रमुख कारक थे।
कर्मियों की अनधिकृत तैनाती
गृह विभाग की एक आधिकारिक रिपोर्ट से पता चला है कि गंगवार ने अनधिकृत रूप से आठ जीआरपी कर्मियों, जिनमें स्वैन भी शामिल था, को अपने आवास पर घरेलू कार्यों के लिए तैनात किया था। ये अधिकारी गंगवार के एडीजी रेलवे और तटीय सुरक्षा पद से तबादले के बाद भी सरकारी काम के बजाय निजी ड्यूटी कर रहे थे। आधिकारिक संसाधनों का यह दुरुपयोग उनके खिलाफ आरोपों की गंभीरता को और बढ़ा दिया।
चल रही जांच और आगे की कार्रवाई
जांच में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेलवे) अरुण बोथरा द्वारा यह भी जांच की गई कि क्या गंगवार ने स्वैन को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था। बोथरा को स्वैन की डायरी में दर्ज तनाव और उसकी मौत के बीच संबंध की संभावना की जांच करने का काम सौंपा गया था। पहले, मामले के संबंध में चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था, दो होमगार्ड को हटा दिया गया था, और एक स्टेशन प्रभारी का तबादला कर दिया गया था, जबकि 18 गिरफ्तारियां की गई हैं।
क्यों मायने रखता है
यह मामला एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा सत्ता के कथित दुरुपयोग को उजागर करता है और पुलिस बल के भीतर जवाबदेही पर सवाल उठाता है, खासकर एक कांस्टेबल की दुखद मौत के संबंध में।
मुख्य तथ्य
- •Officer Suspended: IPS Dayal Gangwar
- •Deceased Constable: Soumya Ranjan Swain
- •Reason for Suspension: Allegations of harassment by constable's family; unauthorized deployment of GRP personnel for domestic work
- •Incident Date (Swain's death): May 7, 2026
- •Location of Lynching: Baliyanta Police Station area, Bhubaneswar
- •Action Taken By: Chief Minister Mohan Charan Majhi
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…