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शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसद 21 जून को शिंदे गुट में होंगे शामिल

Briovo· 19 Jun 2026, 02:32 pm IST
शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसद 21 जून को शिंदे गुट में होंगे शामिल

उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका देते हुए, शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह 21 जून, 2026 को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने जा रहे हैं। एक संसदीय दल की बैठक, जिसमें ये सांसद अनुपस्थित थे, के बाद यह कदम 2022 के विद्रोह के बाद सबसे बड़ा संसदीय विभाजन है। यूबीटी गुट ने अनुपस्थित सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिससे अयोग्यता की कार्यवाही शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी आंतरिक मतभेद को लेकर संजय राउत की आलोचना की।

AI सारांश

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शिवसेना (यूबीटी) के लिए बड़ा दलबदल

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह कथित तौर पर 21 जून, 2026 को एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने वाले हैं। यह घटनाक्रम 2022 के विद्रोह के बाद उद्धव ठाकरे के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक झटका है, जिसने पार्टी को विभाजित कर दिया था।

महत्वपूर्ण बैठक में अनुपस्थिति

संकट तब चरम पर पहुँच गया जब यूबीटी नेतृत्व द्वारा बुलाई गई एक अनिवार्य संसदीय दल की बैठक में उसके नौ सांसदों में से केवल तीन ही उपस्थित थे। छह अनुपस्थित सांसद - नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे - स्पष्ट रूप से गायब थे, जो उनके आसन्न दलबदल का संकेत दे रहा था।

अयोग्यता की कार्यवाही शुरू

बड़े पैमाने पर अनुपस्थिति और अनुमानित दलबदल के जवाब में, शिवसेना (यूबीटी) गुट ने तेजी से अपनी सत्ता स्थापित करने के लिए कदम उठाया है। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने घोषणा की है कि छह अनुपस्थित लोकसभा सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे निचले सदन से उनकी अयोग्यता की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।

पार्टी में दरार पर राजनीतिक टिप्पणी

शिवसेना (यूबीटी) के भीतर की अंदरूनी कलह ने अन्य राजनीतिक हस्तियों की टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने संजय राउत की आलोचना करते हुए कहा कि दलबदल के बाद गुस्सा आना स्वाभाविक है, लेकिन अपशब्दों का प्रयोग महाराष्ट्र की परंपरा में नहीं है, खासकर राज्यसभा सांसद के लिए।

संसदीय शक्ति पर प्रभाव

यह आसन्न विलय संसद में उद्धव ठाकरे गुट की उपस्थिति को काफी कम कर देगा, जिससे एकनाथ शिंदे गुट को पार्टी के लोकसभा सांसदों के बीच जबरदस्त बहुमत मिलेगा। यह राष्ट्रीय राजनीति में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की स्थिति और प्रभाव को और मजबूत करता है।

क्यों मायने रखता है

9 लोकसभा सांसदों में से 6 का पाला बदलना शिवसेना (यूबीटी) की संसद में उपस्थिति को गंभीर रूप से कमजोर करता है और एकनाथ शिंदे गुट को मजबूत करता है, जिससे महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य पर 2022 के विद्रोह का प्रभाव और मजबूत होगा।

मुख्य तथ्य

  • Number of UBT MPs defecting: 6 out of 9
  • Date of defection: June 21, 2026
  • Faction joined: Eknath Shinde-led Shiv Sena
  • Action by UBT faction: Show-cause notices issued for disqualification

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