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ठींगलों की ढाणी: छात्राओं ने टीचर्स को बांधी राखी, लगाए 51 पौधे

Briovo· 27 Jul 2026, 04:26 pm IST
ठींगलों की ढाणी: छात्राओं ने टीचर्स को बांधी राखी, लगाए 51 पौधे

ठींगलों की ढाणी के सरकारी अपर प्राइमरी स्कूल में छात्राओं ने अपने शिक्षकों को रक्षा सूत्र बांधकर अनोखे तरीके से रक्षाबंधन मनाया। रावनियाना, पीपाड़ शहर ब्लॉक में आयोजित इस कार्यक्रम में 'एक शिक्षक, एक वृक्ष' और 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत छायादार, फलदार और फूलों की 51 प्रजातियों के पौधे भी लगाए गए। इस पहल का उद्देश्य गुरु-शिष्य संबंधों को मजबूत करना और समुदाय में पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में कई स्कूल अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

AI सारांश

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राखी का अनूठा उत्सव

पीपाड़ शहर ब्लॉक के रावनियाना स्थित सरकारी अपर प्राइमरी स्कूल, ठींगलों की ढाणी के छात्रों ने एक विशेष ‘गुरु वंदना’ कार्यक्रम के साथ रक्षाबंधन मनाया। छात्रों ने अपने शिक्षकों को राखी बांधी, तिलक लगाया और मिठाई खिलाई। यह हावभाव अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक था।

हरियालो राजस्थान के लिए वृक्षारोपण अभियान

रक्षाबंधन समारोह के साथ-साथ, स्कूल परिसर के भीतर एक महत्वपूर्ण वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। छायादार, फलदार और फूलों की किस्मों सहित कुल 51 पौधे लगाए गए। यह पहल ‘एक शिक्षक, एक वृक्ष’ और ‘हरियालो राजस्थान’ अभियानों का हिस्सा थी, जिसमें पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया गया।

गणमान्य व्यक्तियों और सामुदायिक भागीदारी

इस कार्यक्रम में प्रिंसिपल भारमल खदाओ सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जो पीपाड़ शहर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) के प्रमुख भी हैं। अन्य उपस्थित लोगों में शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि, एसएमसी अध्यक्ष गोरधनराम ठिंगला और वार्ड पंच सोवनी देवी जैसे स्थानीय सार्वजनिक प्रतिनिधि और स्कूल के कर्मचारी शामिल थे। उनकी उपस्थिति ने ऐसी पहलों के लिए समुदाय के समर्थन को रेखांकित किया।

गुरु-शिष्य संबंधों और जागरूकता को बढ़ावा

प्रिंसिपल भारमल खदाव ने ऐसे कार्यक्रमों के दोहरे लाभों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये आयोजन न केवल गुरु-शिष्य (शिक्षक-छात्र) संबंधों को मजबूत करते हैं, बल्कि छात्रों और व्यापक समुदाय के बीच पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मुख्य बौद्धिक वक्ता श्रवणराम टोगस ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व और शिक्षकों की सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से बताया।

क्यों मायने रखता है

यह आयोजन पारंपरिक त्योहारों को मनाने का एक अनूठा तरीका दर्शाता है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी एकीकृत करता है, जिससे छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच मजबूत सामुदायिक संबंध बनते हैं।

मुख्य तथ्य

  • Location: Government Upper Primary School, Thinglo ki Dhani, Rawaniyana, Pipar City Block
  • Event: Guru Vandana program, Raksha Bandhan celebration, and tree plantation drive
  • Number of trees planted: 51
  • Campaigns: Ek Shikshak, Ek Vriksh (One Teacher, One Tree) and Hariyalo Rajasthan (Green Rajasthan)
  • Attendees: School family, education representatives, local public representatives
  • Purpose: Strengthen guru-shishya bonds and promote environmental awareness

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