ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट ने पॉलिन हैनसन के खिलाफ नस्लीय भेदभाव के फैसले को बरकरार रखा
ऑस्ट्रेलियाई पूर्ण संघीय न्यायालय ने सर्वसम्मति से दक्षिणपंथी नेता पॉलिन हैनसन की अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें 2024 के उस फैसले को बरकरार रखा गया है जिसमें उन्हें मुस्लिम सीनेटर महरीन फारुकी के खिलाफ नस्लीय भेदभाव का दोषी पाया गया था। हैनसन ने 2022 में एक सोशल मीडिया पोस्ट में फारुकी से "अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर पाकिस्तान वापस चले जाने" को कहा था। अदालत ने उनकी टिप्पणियों को गैरकानूनी पाया और उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में संरक्षित नहीं माना। सीनेटर फारुकी ने इस फैसले को घृणास्पद भाषण के खिलाफ एक जीत बताया, जबकि हैनसन ने सार्वजनिक चर्चा को शांत करने का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय में अपील करने की योजना बनाई है।
AI सारांश
3 bulletsपूर्ण संघीय न्यायालय ने अपील खारिज की
ऑस्ट्रेलियाई पूर्ण संघीय न्यायालय ने दक्षिणपंथी नेता पॉलिन हैनसन द्वारा दायर एक अपील को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया है। यह निर्णय 2024 के एक पिछले फैसले को बरकरार रखता है जिसमें हैनसन को मुस्लिम सीनेटर महरीन फारुकी के खिलाफ नस्लीय भेदभाव का दोषी पाया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि हैनसन की अपील के लिए कोई भी आधार स्थापित नहीं हुआ।
भेदभावपूर्ण टिप्पणी की उत्पत्ति
यह विवाद हैनसन के 2022 के एक सोशल मीडिया पोस्ट से उपजा है, जिसमें उन्होंने सीनेटर फारुकी से कहा था कि "अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर पाकिस्तान वापस चली जाओ"। यह टिप्पणी क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के दिन की गई थी, जो फारुकी की "नस्लवादी साम्राज्य" का शोक न मनाने की टिप्पणी के जवाब में थी। अदालत ने विशेष रूप से हैनसन के पोस्ट की मुस्लिम विरोधी और इस्लामोफोबिक प्रकृति पर प्रकाश डाला।
घृणास्पद भाषण अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है
तीन-न्यायाधीशों के पैनल ने जोर देकर कहा कि हैनसन की टिप्पणियाँ गैरकानूनी थीं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बचाव से संरक्षित नहीं थीं। वे 2024 के उस फैसले से सहमत थे जिसने पोस्ट को ऐतिहासिक नस्लवादी नारे, "आप जहाँ से आए हैं, वहीं वापस चले जाइए" के एक प्रकार के रूप में पहचाना था। सीनेटर फारुकी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "घृणास्पद भाषण अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है, और संघीय न्यायालय ने आज इसकी पुष्टि की है।"
हैनसन आगे अपील की योजना बना रही हैं
अदालत के फैसले के बाद, पॉलिन हैनसन ने ऑस्ट्रेलिया के सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय में अपील करने का इरादा व्यक्त किया। उन्होंने वर्तमान कानूनी परिदृश्य की आलोचना की, आरोप लगाया कि सार्वजनिक चर्चा को शांत किया जा रहा है और आम लोगों को अपने व्यक्तिगत विचार व्यक्त करने से रोका जा रहा है। हैनसन का मानना है कि यह प्रवृत्ति "ऑस्ट्रेलियाई तरीके" के खिलाफ है।
क्यों मायने रखता है
यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दोहराता है कि घृणास्पद भाषण को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर संरक्षित नहीं किया जा सकता है और यह सार्वजनिक हस्तियों को भेदभावपूर्ण टिप्पणियों के लिए जवाबदेह ठहराता है।
मुख्य तथ्य
- •Court Decision: Full Federal Court unanimously rejected Hanson's appeal
- •Original Ruling: 2024 ruling found Hanson racially discriminated against Senator Faruqi
- •Discriminatory Remark: Hanson told Faruqi to "pack your bags and p*** off back to Pakistan"
- •Context of Remark: Made in 2022, on the day Queen Elizabeth II died, in response to Faruqi's comments
- •Legal Basis: Comments deemed unlawful and not protected by free speech
- •Next Step: Hanson intends to appeal to the High Court
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