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राजस्थान में अंतरराज्यीय पाइपलाइन टैपिंग गिरोह का भंडाफोड़

Briovo· 26 Jul 2026, 07:00 am IST

राजस्थान में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की सलाया-मथुरा पाइपलाइन से क्रूड तेल निकालने वाले एक अंतरराज्यीय पाइपलाइन टैपिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने छह अलग-अलग राज्यों से 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो टोंक जिले में लगभग 20,000 लीटर क्रूड तेल चुराने की तैयारी में थे। गिरोह ने भूमिगत पाइपलाइन में ड्रिल करके और एक विशेष वाल्व के साथ एक अतिरिक्त पाइप लगाकर एक परिष्कृत तरीका अपनाया था। मास्टरमाइंड, "फौजी" के नाम से जाना जाने वाला 60 वर्षीय व्यक्ति, कथित तौर पर देश भर में दो दर्जन से अधिक ऐसी घटनाओं में शामिल है। यह घटना आईओसीएल पाइपलाइनों की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में चिंता पैदा करती है।

AI सारांश

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अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा

छह राज्यों में सक्रिय एक व्यापक अंतरराज्यीय पाइपलाइन टैपिंग नेटवर्क को राजस्थान में अधिकारियों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया है। यह खुलासा टोंक जिले में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की सलाया-मथुरा पाइपलाइन से कच्चे तेल की चोरी के प्रयासों की जांच के दौरान हुआ।

गिरोह का तौर-तरीका

गिरफ्तार किए गए व्यक्ति 20,000 लीटर कच्चे तेल की भारी मात्रा चुराने की तैयारी में थे। उनकी विधि में सावधानीपूर्वक रेकी करना शामिल था, जिसके बाद भूमिगत पाइपलाइन तक पहुंचने के लिए लगभग 40 फीट की खुदाई करना, एक छेद ड्रिल करना और तेल निकालने के लिए एक विशेष वाल्व और एक अतिरिक्त पाइप स्थापित करना शामिल था।

अखिल भारतीय मास्टरमाइंड की पहचान

पुलिस ने 60 वर्षीय मुनेश कुमार उर्फ "फौजी" को इस अभियान का कथित मास्टरमाइंड बताया है। वह कथित तौर पर देश भर में दो दर्जन से अधिक पाइपलाइन टैपिंग की घटनाओं से जुड़ा हुआ है, जो एक उच्च अनुभवी और संगठित आपराधिक पृष्ठभूमि का संकेत देता है।

पिछली घटनाएं और सुरक्षा चिंताएं

इस घटना ने आईओसीएल पाइपलाइनों की सुरक्षा को जांच के दायरे में ला दिया है, क्योंकि राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर पहले भी तेल चोरी के ऐसे ही मामले सामने आ चुके हैं। यह तथ्य कि नियमित निगरानी के दौरान व्यापक खुदाई और ड्रिलिंग का पता नहीं चला, मौजूदा निगरानी प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता के बारे में सवाल उठाता है।

जारी जांच और रिमांड

गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया और बाद में तीन दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जांचकर्ता अब विभिन्न राज्यों में दर्ज अन्य तेल चोरी के मामलों में गिरोह की संलिप्तता की जांच कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य उनके आपराधिक उद्यम की पूरी सीमा का पता लगाना है।

क्यों मायने रखता है

इस परिष्कृत अंतरराज्यीय कच्चे तेल चोरी नेटवर्क का भंडाफोड़ संगठित अपराध द्वारा तेल पाइपलाइनों जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के लिए उत्पन्न गंभीर चुनौती को उजागर करता है। अनुभवी व्यक्तियों और उन्नत तरीकों की संलिप्तता आर्थिक नुकसान और संभावित पर्यावरणीय खतरों को रोकने के लिए बढ़ी हुई निगरानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

मुख्य तथ्य

  • Arrested Individuals: 12
  • States Involved: 6 (Punjab, Gujarat, Haryana, Madhya Pradesh, Rajasthan)
  • Targeted Crude Oil Quantity: 20,000 liters
  • Mastermind's Involvement: Over 2 dozen pipeline tapping incidents nationwide
  • Location of incident: Pachevar area, Tonk district, Rajasthan
  • Pipeline Type: IOCL Salaya-Mathura crude oil pipeline

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