दिल्ली में ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत का उत्सव
दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में "स्वप्निला ओडिशा, भारत स्मृति रे" नामक एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कवि सम्राट उपेंद्र भंज को श्रद्धांजलि दी गई। इस कार्यक्रम में ओडिशा की समृद्ध साहित्यिक और लोक सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया गया, जिसमें ओडिसी नृत्य, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजन शामिल थे। अन्वेषा कला केंद्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को ओडिशा की परंपराओं से जोड़ना था। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। इस कार्यक्रम में प्रदर्शनियों और कला तथा संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वालों को सम्मानित किया गया। यह भारत की विविध सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।
AI सारांश
3 bulletsकवि सम्राट उपेंद्र भंज को श्रद्धांजलि
नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में 'स्वप्निला ओडिशा, भारत स्मृति रे' नामक एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महान कवि सम्राट उपेंद्र भंज को श्रद्धांजलि देने और उनके साहित्यिक व सांस्कृतिक योगदान को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया गया था। साहित्य, कला, संस्कृति और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने इस भव्य उत्सव में भाग लिया।
ओडिशा की समृद्ध विरासत का प्रचार
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल उपेंद्र भंज को याद करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना था। इस बात पर जोर दिया गया कि भारत की क्षेत्रीय संस्कृतियां आज भी समाज को जोड़ने और प्रेरित करने की शक्ति रखती हैं, जो पिछली और वर्तमान पीढ़ियों के बीच के अंतर को पाटती हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्र की विविध सांस्कृतिक पहचान में गर्व की भावना पैदा करना था।
मंत्रियों की उपस्थिति और सम्मान
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। उन्होंने भारत की क्षेत्रीय सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में ओडिशा सृजनी और उसकी युवा टीम के प्रयासों की सराहना की और इसके महत्व पर जोर दिया। कई प्रतिष्ठित हस्तियों को भी उनके संबंधित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया, उनके अमूल्य कार्यों को स्वीकार किया गया।
मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
शाम का एक मुख्य आकर्षण मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ थीं, जहाँ प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना कविता द्विवेदी ने उपेंद्र भंज की प्रसिद्ध रचना 'माली माला श्यामा कु देबी' प्रस्तुत की। बरहामपुर के लोक कलाकारों ने भी सखी नाचा, धोबा-धोबुनी और केला-केलुनी जैसे पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए, जिससे उनकी कविता जीवंत हो उठी और ओडिशा की जीवंत लोक परंपराएं प्रदर्शित हुईं। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और उनकी कृतियों की शाश्वत अपील को उजागर किया।
हस्तशिल्प और पाक कला के व्यंजन
नृत्य और संगीत के अलावा, इस आयोजन में ओडिशा की हस्तशिल्प और पाक कला परंपराओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। उत्कलिका टीम ने एक विशेष प्रदर्शनी के माध्यम से राज्य की प्रसिद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प कला का प्रदर्शन किया। मेहमानों ने पारंपरिक उड़िया व्यंजनों का भी स्वाद लिया, जिसने इस आयोजन को एक अनूठा स्वाद दिया और एक पूर्ण सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया। कला रूपों के इस संलयन ने वास्तव में डूबने वाला अनुभव बनाया।
क्यों मायने रखता है
यह आयोजन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देता है, युवा पीढ़ी को पारंपरिक कलाओं से जोड़ता है और भारत की समृद्ध विविधता को प्रदर्शित करता है, जिससे सांस्कृतिक संरक्षण और प्रशंसा को बढ़ावा मिलता है।
मुख्य तथ्य
- •Event Venue: India Habitat Centre, Delhi
- •Honored Personality: Kabi Samrat Upendra Bhanja
- •Organizing Body: Anvesha Kala Kendra
- •Chief Guest: Union Minister Gajendra Singh Shekhawat
- •Cultural Displays: Odissi dance, folk dances, handicrafts, traditional Odia cuisine
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