एमपी हाईकोर्ट ने SSE-2025 मुख्य परीक्षा पर लगी रोक हटाई
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सेवा परीक्षा (एसएसई)-2025 की मुख्य परीक्षा पर लगी अपनी साल भर पुरानी रोक हटा दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ द्वारा लिए गए इस निर्णय से मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) को परीक्षा आयोजित करने की अनुमति मिल गई है। डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे विभिन्न राज्य पदों के लिए लगभग 4,000 उम्मीदवार अब मुख्य परीक्षा दे सकेंगे। यह रोक शुरू में 2 अप्रैल, 2025 को लगाई गई थी, और याचिकाकर्ताओं द्वारा परीक्षा प्रक्रियाओं और नियमों से संबंधित उनकी याचिकाओं के निपटान में देरी का हवाला देते हुए अदालत से इसे हटाने का अनुरोध करने के बाद हटा दी गई थी।
AI सारांश
3 bulletsSSE-2025 मुख्य परीक्षा पर रोक हटी
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सेवा परीक्षा (एसएसई)-2025 की मुख्य परीक्षा आयोजित करने पर लगी अंतरिम रोक हटा दी है। खंडपीठ द्वारा गुरुवार, 18 जून, 2026 को दिए गए इस निर्णय से मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) को परीक्षा आयोजित करने की अनुमति मिल जाएगी।
4,000 अभ्यर्थियों को राहत
यह फैसला लगभग 4,000 उम्मीदवारों के लिए एक साल का इंतजार खत्म करता है, जो विभिन्न राज्य सरकारी पदों के लिए इच्छुक हैं। इन भूमिकाओं में डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक और तहसीलदार शामिल हैं। उम्मीदवार अब प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मुख्य परीक्षा में बैठ सकते हैं।
अदालत का निर्देश और याचिकाकर्ताओं का अनुरोध
2 अप्रैल, 2025 को, अदालत ने शुरू में निर्देश दिया था कि मुख्य परीक्षा उसकी अनुमति के बिना आयोजित नहीं की जानी चाहिए। याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर ठाकुर ने याचिकाएं जल्द हल होने की संभावना न होने की बात स्वीकार करते हुए रोक हटाने का अनुरोध किया।
परीक्षा नियमों को चुनौतियाँ
याचिकाओं में मुख्य रूप से प्रारंभिक परीक्षा परिणामों में श्रेणी-वार कट-ऑफ अंकों के गैर-खुलासे से संबंधित नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी। अनारक्षित पदों के मुकाबले योग्य आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के गैर-चयन और आयु में छूट प्राप्त उम्मीदवारों के अनारक्षित श्रेणी में गैर-प्रवास जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
एमपीपीएससी ने कट-ऑफ अंक जमा किए
अदालत की कार्यवाही के दौरान, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने श्रेणी-वार कट-ऑफ अंक सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपे। हालांकि, आयोग ने याचिकाओं में उठाए गए मुद्दों का विशेष रूप से जवाब नहीं दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को निर्धारित है।
क्यों मायने रखता है
रोक हटने से 4,000 उम्मीदवारों का एक साल का इंतजार खत्म हो गया है, जिससे उन्हें लोक सेवा में अपना करियर बनाने का मौका मिलेगा। यह निर्णय मध्य प्रदेश में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता से संबंधित चिंताओं को भी दूर करता है।
मुख्य तथ्य
- •Exam: State Services Examination (SSE)-2025
- •High Court: Madhya Pradesh High Court, Jabalpur
- •Candidates affected: Approximately 4,000
- •Previous stay date: April 2, 2025
- •Hearing date: June 18, 2026
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