फैक्ट चेक: क्या किरोड़ी लाल मीणा गहलोत के पैरों में रोए थे?
राजस्थान की गरमागरम सियासत के बीच, एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कथित तौर पर भाजपा मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैरों में गिरते हुए दिख रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया था कि मीणा ने गहलोत से पुराने मामले वापस लेने की गुहार लगाई थी। हालांकि, एक फैक्ट-चेक से पता चला है कि यह दावा निराधार है। वायरल वीडियो वास्तव में मीणा को एक विपक्षी नेता के रूप में गहलोत से सार्वजनिक मुद्दों जैसे पेपर लीक और विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा करते हुए दिखाता है। दोनों नेताओं ने तब से तीखी बयानबाजी की है, जिसमें गहलोत ने मीणा पर निराधार राजनीति का आरोप लगाया है और मीणा ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर कांग्रेस को चुनौती दी है।
AI सारांश
3 bulletsवायरल वीडियो पर सियासी घमासान
राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और भाजपा कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। डोटासरा ने दावा किया कि मीणा पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैरों में गिरे थे, और पुराने मामले वापस लेने की गुहार लगाई थी। इस बयान के बाद एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर दोनों प्रमुख नेताओं के बीच यह घटना दिखाई गई।
डोटासरा के आरोप और गहलोत का रुख
गोविंद सिंह डोटासरा ने सार्वजनिक रूप से किरोड़ी लाल मीणा पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि मीणा पुराने पुलिस मामलों से खुद को बचाने के लिए बेताब थे और उन्होंने अशोक गहलोत से उन्हें हटाने की गुहार लगाई थी। इसके बाद, अशोक गहलोत ने भी मीणा की आलोचना करते हुए उन पर बिना किसी ठोस सबूत के निराधार आरोप लगाने और सनसनीखेज राजनीति करने का आरोप लगाया। गहलोत ने सुझाव दिया कि मीणा अब जनता के सामने उजागर हो चुके हैं।
मीणा और भाजपा का पलटवार
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और अन्य भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के दावों का दृढ़ता से खंडन किया, उन्हें हताश रणनीति करार दिया। मीणा ने कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वह सार्वजनिक मुद्दों के लिए सड़कों पर लड़ते हैं, उन लोगों के विपरीत जो एसी कमरों से 'ट्विटर राजनीति' करते हैं। उन्होंने आगे घोषणा की कि कृषि विभाग या नकली बीज के मामलों के संबंध में उनके खिलाफ कोई भी गलत काम साबित होने पर वह जेल जाने के लिए तैयार हैं।
वायरल वीडियो: सच्चाई की पड़ताल
व्यापक रूप से साझा किए गए वीडियो की विस्तृत तथ्य-जांच से पता चलता है कि मीणा के गहलोत के पैरों में गिरने का दावा पूरी तरह निराधार और वास्तविकता से रहित राजनीतिक बयान है। ऐसी किसी भी घटना का कोई विश्वसनीय रिकॉर्ड या फुटेज मौजूद नहीं है। वायरल वीडियो वास्तव में पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के हैं, जिसमें मीणा, जो उस समय विपक्ष में थे, सीएम गहलोत से पेपर लीक और विरोध प्रदर्शनों जैसे सार्वजनिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मिल रहे थे। इन दृश्यों को अब भ्रामक दावों के साथ संदर्भ से हटाकर साझा किया जा रहा है।
मौजूदा राजनीतिक विवाद की जड़
राजनीतिक विश्लेषकों का सुझाव है कि मौजूदा टकराव गहलोत और मीणा के बीच की पुरानी दुश्मनी में निहित है। हाल ही में, गहलोत ने सार्वजनिक रूप से मीणा को 'एकतरफा प्रशासनिक कार्रवाइयों' के खिलाफ सलाह दी थी। मीणा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि गहलोत को उनकी आलोचना करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, खासकर गहलोत सरकार के दौरान युवा मामलों के कथित कुप्रबंधन को देखते हुए। घर्षण के इस इतिहास ने दोनों तरफ से तीखी बयानबाजी को फिर से हवा दे दी है।
क्यों मायने रखता है
यह फैक्ट-चेक राजस्थान की राजनीति में फैलाई जा रही गलत सूचनाओं को संबोधित करता है, एक वायरल वीडियो और प्रमुख राजनीतिक हस्तियों द्वारा किए गए दावों पर स्पष्टता प्रदान करता है। यह राजनीतिक बयानबाजी के तेजी से व्यक्तिगत होते स्वभाव पर प्रकाश डालता है।
मुख्य तथ्य
- •Viral Claim: Kirori Lal Meena fell at Ashok Gehlot's feet and cried to drop cases.
- •Source of Claim: Congress President Govind Singh Dotasra.
- •Gehlot's Response: Accused Meena of baseless politics.
- •Meena's Response: Refuted claims, challenged Congress on corruption.
- •Fact Check Finding: Claim is baseless; video shows meetings on public issues.
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