बेंगलुरु: शख्स ने मां, नानी और बहनोई की हत्या की, फिर की आत्महत्या
बेंगलुरु के कोटिगेपाल्या में एक चौंकाने वाली घटना में, 34 वर्षीय प्रशांत ने अपनी मां मंगलम्मा (55), नानी नंजम्मा (75) और बहनोई सतीश (50) की एक बहस के बाद धारदार हथियार से हत्या कर दी। इसके बाद उसने एक कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ब्यालकेरे के मूल निवासी यह परिवार 7-8 साल से कोटिगेपाल्या में रह रहा था। प्रशांत, जो पहले ड्राइवर था, लगभग एक साल से बेरोजगार था। उसके पिता चिक्कण्णा, जिनकी पास में लॉन्ड्री की दुकान है, ने बताया कि प्रशांत कभी-कभी परिवार से झगड़ता था लेकिन ऐसे अत्यधिक हिंसा के कोई संकेत नहीं दिए थे। चिक्कण्णा काम पर बाहर होने के कारण बच गए। पड़ोसियों द्वारा उसे एक कमरे में बंद करने और पुलिस को सूचित करने के बाद पुलिस को प्रशांत का शव फांसी पर लटका मिला।
AI सारांश
3 bulletsभयानक तिहरा हत्याकांड-आत्महत्या की घटना
बेंगलुरु के कोटिगेपाल्या में एक 34 वर्षीय व्यक्ति, प्रशांत ने अपनी जान लेने से पहले परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर एक भयानक कृत्य को अंजाम दिया। यह घटना शनिवार सुबह हुई, जिससे समुदाय में सदमा फैल गया।
परिवार के सदस्यों की पहचान
मृतकों की पहचान प्रशांत की मां, मंगलम्मा (55), उसकी नानी, नंजम्मा (75), और उसके बहनोई, सतीश (50) के रूप में हुई है। हत्याओं के बाद प्रशांत स्वयं आत्महत्या से मृत पाया गया।
घटनाओं का क्रम और खुलासा
दुखद घटनाओं की शुरुआत प्रशांत और सतीश के बीच एक बहस से हुई, जिसके परिणामस्वरूप सतीश को घातक रूप से चाकुओं से गोद दिया गया। जब उसकी मां और नानी ने हस्तक्षेप किया, तो प्रशांत ने उन पर भी हमला किया, जिससे उनकी तत्काल मृत्यु हो गई। पड़ोसियों ने बाद में प्रशांत को एक कमरे में बंद कर पुलिस को सूचित किया, जिन्होंने उसे अंदर आत्महत्या से मृत पाया।
पिता का बयान और बाल-बाल बचना
प्रशांत के पिता चिक्कण्णा, जो पास में एक लॉन्ड्री की दुकान चलाते हैं, ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा कभी-कभी परिवार के सदस्यों से झगड़ता था, लेकिन ऐसे अत्यधिक हिंसा के कोई पूर्व संकेत नहीं दिखाए थे। चिक्कण्णा की जान बच गई क्योंकि वह घटना होने से पहले अपनी दुकान के लिए निकल गए थे।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और बेरोजगारी
भालकेरे के मूल निवासी यह परिवार पिछले 7-8 वर्षों से कोटिगेपाल्या में रह रहा था। प्रशांत, जो पहले ड्राइवर के रूप में काम करता था, लगभग एक साल से बेरोजगार था, एक ऐसा कारक जिसने उसकी मानसिक स्थिति में योगदान दिया हो सकता है।
क्यों मायने रखता है
यह घटना परिवारों के भीतर तनाव और अत्यधिक हिंसा की संभावना को उजागर करती है, खासकर जब व्यक्ति बेरोजगार होते हैं या व्यक्तिगत संघर्षों का सामना कर रहे होते हैं। यह घरेलू परिवेश में मानसिक स्वास्थ्य और संघर्ष समाधान को संबोधित करने के महत्व पर जोर देती है।
मुख्य तथ्य
- •Victims: Mother (55), Grandmother (75), Brother-in-law (50)
- •Accused/Deceased: Prashant (34)
- •Location: Kotigepalya, Kamakshipalya Police Station, Bengaluru
- •Weapon Used: Sharp weapon
- •Reason: Dispute/argument
- •Family Background: Originally from Byalkere, lived in Kotigepalya for 7-8 years, Prashant unemployed for 1 year
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