6 शिवसेना UBT सांसदों को मिली Y-प्लस सुरक्षा, दलबदल की अटकलें तेज
शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों को मुंबई पुलिस ने 'वाई-प्लस' सुरक्षा दी है, खबरों के अनुसार यह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में उनके संभावित दलबदल की अटकलों के बीच बढ़ते खतरों की वजह से हुई है। यह फैसला सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में यूबीटी कार्यकर्ताओं के विरोध और चेतावनियों के बाद आया है। संजय राउत ने इसे 'ऑपरेशन तुड़वा' कहा है, जिसमें उन्होंने दल बदलने वाले सांसदों को 'गद्दार' बताया और कहा कि यह सुरक्षा उन्हें जनता के गुस्से से बचाने के लिए है। शिवसेना स्थापना दिवस पर इन सांसदों का शिंदे खेमे में शामिल होने का कार्यक्रम टल गया है, जिससे महाराष्ट्र में राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है।
AI सारांश
3 bullets6 यूबीटी सांसदों को मिली वाई-प्लस सुरक्षा
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के छह लोकसभा सांसदों को मुंबई पुलिस द्वारा 'वाई-प्लस' सुरक्षा प्रदान की गई है। यह सुरक्षा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में उनके संभावित दलबदल की अफवाहों और बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच दी गई है। इस श्रेणी की सुरक्षा में व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए 11 पुलिसकर्मी शामिल होते हैं।
दलबदल की अटकलें और विरोध प्रदर्शन
इन छह सांसदों के प्रतिद्वंद्वी एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हैं। इन अफवाहों के बाद, सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में शिवसेना यूबीटी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए और उनके दलबदल के खिलाफ चेतावनी भी जारी की। इन सार्वजनिक प्रदर्शनों और धमकियों ने संभवतः सांसदों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्णय में योगदान दिया।
राउत ने 'ऑपरेशन तुड़वा' पर साधा निशाना
शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सुरक्षा प्रदान करने की कड़ी आलोचना की और इसे 'ऑपरेशन तुड़वा' करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर मुंबई पुलिस का एक पत्र साझा करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस को पहले से ही सांसदों के शिंदे खेमे में दलबदल की आशंका थी। राउत ने दल बदलने वाले सांसदों को 'गद्दार' कहा और दावा किया कि उन्नत सुरक्षा भी उन्हें शिवसैनिकों के क्रोध से नहीं बचा पाएगी।
स्थापना टली और राजनीतिक परिणाम
इन छह सांसदों का शिवसेना के स्थापना दिवस पर शिंदे गुट में औपचारिक रूप से शामिल होने का अनुमानित कार्यक्रम टाल दिया गया है। इस देरी से महाराष्ट्र की अस्थिर राजनीतिक स्थिति में अनिश्चितता की एक और परत जुड़ गई है। यदि ये दलबदल अंततः सच होते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के लिए एक महत्वपूर्ण झटका हो सकता है, जिससे राज्य के भीतर रणनीतिक गठबंधन संभावित रूप से बदल सकते हैं।
क्यों मायने रखता है
छह शिवसेना (यूबीटी) सांसदों का एकनाथ शिंदे गुट में संभावित दलबदल महाराष्ट्र में राजनीतिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदल सकता है, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी को कमजोर कर सकता है और संभावित रूप से शक्ति संतुलन को बदल सकता है। उनकी सुरक्षा बढ़ाने को लेकर विवाद और संजय राउत के 'ऑपरेशन तुड़वा' के आरोप शिवसेना के भीतर गहरे मतभेदों को उजागर करते हैं।
मुख्य तथ्य
- •Number of MPs receiving Y: 6
- •Political faction of MPs: Shiv Sena (UBT)
- •Security category received: Y-Plus
- •Number of security personnel in Y: 11
- •Date of security provision: June 19, 2026
- •Allegation by Sanjay Raut: Operation Tudva
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