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पूनवाला ने E20 ईंधन की कीमतों पर उठाए सवाल, गडकरी के ₹15 पेट्रोल के वादे का जिक्र किया

Briovo· 20 Jun 2026, 05:02 pm IST
पूनवाला ने E20 ईंधन की कीमतों पर उठाए सवाल, गडकरी के ₹15 पेट्रोल के वादे का जिक्र किया

राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने E20 ईंधन की कीमतों को लेकर सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के उस पुराने बयान का हवाला दिया है जिसमें पेट्रोल को इथेनॉल और बिजली के साथ मिलाने पर ₹15 प्रति लीटर होने की बात कही गई थी। पूनावाला ने इथेनॉल-मिश्रित ईंधन के लिए उपभोक्ताओं को छूट न मिलने की आलोचना की और ₹15 के वादे को "जुमला" बताया। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने में धीमी प्रगति पर भी प्रकाश डाला। गडकरी ने जुलाई 2023 में कहा था कि 60% इथेनॉल और 40% बिजली का मिश्रण पेट्रोल की कीमत को ₹15 तक ला सकता है, जिससे किसानों को लाभ होगा और प्रदूषण व आयात लागत कम होगी। भारत का इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम, जो 2003 में शुरू हुआ था, का उद्देश्य तेल पर निर्भरता कम करना और चीनी उद्योग का समर्थन करना है, जिसने हाल ही में अपने 20% इथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य को पार कर लिया है।

AI सारांश

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पूनावाला ने ईंधन मूल्य निर्धारण को चुनौती दी

राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने E20 ईंधन मूल्य निर्धारण पर सरकार के रुख का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले वादों के बावजूद उपभोक्ताओं को इथेनॉल-मिश्रित ईंधन पर छूट क्यों नहीं मिल रही है। पूनावाला ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की धीमी गति और सरकार की संबंधित नीतियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

गडकरी का ₹15 पेट्रोल का वादा

पूनावाला ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के जुलाई 2023 के बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने अनुमान लगाया था कि पेट्रोल की कीमतें ₹15 प्रति लीटर तक गिर सकती हैं। गडकरी ने सुझाव दिया था कि 60% इथेनॉल और 40% बिजली के मिश्रण से यह संभव होगा। उन्होंने जोर दिया कि इस कदम से किसानों को फायदा होगा और प्रदूषण व भारत के आयात बिल में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

भारत का इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम

भारत ने जनवरी 2003 में अपना इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम कई प्रमुख उद्देश्यों के साथ शुरू किया था। इनमें स्वच्छ परिवहन ईंधन को बढ़ावा देना, आयातित कच्चे तेल पर देश की भारी निर्भरता को कम करना और इथेनॉल के लिए एक स्थिर घरेलू बाजार स्थापित करना शामिल है, जिससे चीनी उद्योग को सहायता मिलेगी। यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण प्रगति कर चुका है और 2026 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण के अपने लक्ष्य को पार कर चुका है।

हाल ही में उत्पाद शुल्क छूट

सरकार ने हाल ही में कई इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल वेरिएंट, जिनमें E22, E25, E27 और E30 शामिल हैं, पर उत्पाद शुल्क से छूट की घोषणा की है। वित्त मंत्रालय द्वारा 11 जून को जारी यह निर्णय, इन वैकल्पिक ईंधनों को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से है। इस कदम का उद्देश्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में हुई तीव्र वृद्धि के प्रभाव को कम करना भी है, जिसमें मई के अंत में लगभग ₹7.50 प्रति लीटर की वृद्धि देखी गई थी।

क्यों मायने रखता है

यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ईंधन की कीमतों और वैकल्पिक ईंधन व इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकारी नीतियों की प्रभावशीलता के इर्द-गिर्द चल रही बहस को उजागर करती है। यह सरकारी अधिकारियों द्वारा किए गए दावों और जनता की उम्मीदों बनाम मौजूदा बाजार की वास्तविकताओं पर प्रकाश डालती है, जो उपभोक्ताओं की जेब और पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्रभावित करती है।

मुख्य तथ्य

  • Gadkari's 2023 Petrol Price…: ₹15 per litre with 60% ethanol and 40% electricity blend
  • Ethanol Blended Petrol (EBP)…: January 2003
  • India's Ethanol Blending Target…: 20% ethanol blending in petrol by 2026
  • Excise Duty Exemption: On E22, E25, E27, E30 petrol variants
  • Revenue Loss due to Previous Tax Cut: ₹1 lakh crore (March reduction)
  • Fuel Price Increase (May): Nearly ₹7.50 per litre for petrol and diesel

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