रिजिजू ने विपक्ष पर संसद में NEET बहस से बचने का आरोप लगाया
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में NEET विवाद पर बहस से बचने के लिए विपक्ष की कड़ी आलोचना की और गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब उन्होंने ऐसी स्थिति देखी है जहां सरकार चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष अनिच्छुक है। रिजिजू ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर व्यापक बहस के लिए सरकार की तत्परता और सभी सवालों के जवाब देने की इच्छा दोहराई है। हालांकि, विपक्ष छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस ज्यादतियों पर शाह के बयान की मांग कर रहा है, जिससे संसद की कार्यवाही बाधित हो रही है।
AI सारांश
3 bulletsNEET पर संसदीय गतिरोध
संसद में NEET विवाद पर सियासी घमासान जारी है, जिसमें विपक्ष कथित पुलिस ज्यादती और पेपर लीक को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार इस मुद्दे पर खुली और व्यापक चर्चा के लिए अपनी तत्परता बनाए हुए है। इस गतिरोध के कारण संसदीय कार्यवाही में अक्सर बाधा आ रही है, जिससे विधायी कार्य बाधित हो रहा है।
रिजिजू ने विपक्ष पर बहस से बचने का आरोप लगाया
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गहरी निराशा व्यक्त करते हुए विपक्ष पर NEET मुद्दे पर बहस से जानबूझकर बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी, जहां सरकार चर्चा चाहती हो लेकिन विपक्ष उससे कतरा रहा हो। रिजिजू ने इस बात पर जोर दिया कि यह व्यवहार संसदीय लोकतंत्र के सामान्य कामकाज के विपरीत है।
अमित शाह का लोकसभा अध्यक्ष को प्रस्ताव
किरेन रिजिजू ने खुलासा किया कि गृह मंत्री अमित शाह को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखना पड़ा, जिसमें सरकार की विस्तृत चर्चा के लिए इच्छा दोहराई गई। शाह ने अध्यक्ष से विपक्ष के नेताओं को बहस में भाग लेने के लिए राजी करने का अनुरोध किया, और NEET पेपर लीक से संबंधित सभी सवालों के जवाब देने की अपनी तत्परता पर जोर दिया। यह असामान्य कदम संसदीय गतिरोध को तोड़ने के सरकार के प्रयास को रेखांकित करता है।
विपक्ष की विशिष्ट मांगें
विपक्ष विशेष रूप से 20 जुलाई को जंतर-मंतर के पास छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग कर रहा है। उनका दावा है कि पुलिस ने NEET पेपर लीक के विरोध में छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया और ज्यादती की। यह मांग मानसून सत्र की शुरुआत से ही चल रहे व्यवधानों का एक प्रमुख कारण रही है।
लोकतांत्रिक कामकाज पर प्रभाव
रिजिजू ने चेतावनी दी कि मौजूदा स्थिति, जहाँ सरकार की खुली पेशकश के बावजूद विपक्ष बहस से बच रहा है, देश या उसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छी नहीं है। उन्होंने इस विरोधाभास को रेखांकित किया कि सरकार सक्रिय रूप से चर्चा की मांग कर रही है जबकि विपक्ष, जो पारंपरिक रूप से जवाबदेही की मांग करता है, अनिच्छुक है। यह पैटर्न रचनात्मक संसदीय जुड़ाव को कमजोर करता है।
क्यों मायने रखता है
NEET विवाद पर चल रहा संसदीय गतिरोध, जिसमें दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप शामिल हैं, विधायी कार्य में बाधा डालता है और छात्र कल्याण तथा परीक्षा की शुचिता से जुड़े एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दे के रचनात्मक समाधान को रोकता है।
मुख्य तथ्य
- •Kiren Rijiju's role: Union Minister of Parliamentary Affairs
- •Issue: NEET controversy, alleged paper leak, and police excesses
- •Government's stance: Ready for open and detailed debate
- •Opposition's stance: Demanding statement from Home Minister Amit Shah, allegedly avoiding debate
- •Amit Shah's action: Wrote to Lok Sabha Speaker expressing readiness to answer all questions
- •Incident mentioned by Opposition: Alleged police excesses during student protest on July 20 near Jantar Mantar
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