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राजस्थान में लोकसभा सीटें 37 हो सकती हैं: BJP स्टडी ग्रुप रिपोर्ट

Briovo· 12 Jul 2026, 08:44 am IST
राजस्थान में लोकसभा सीटें 37 हो सकती हैं: BJP स्टडी ग्रुप रिपोर्ट

भाजपा के एक अध्ययन समूह की रिपोर्ट में राजस्थान की लोकसभा सीटों को 25 से बढ़ाकर 37 करने का सुझाव दिया गया है। इस प्रस्तावित परिसीमन से हनुमान बेनीवाल, दुष्यंत सिंह और सचिन पायलट जैसे प्रमुख नेताओं के राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकते हैं। रिपोर्ट में एससी/एसटी श्रेणियों के लिए आरक्षित सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि की सिफारिश की गई है, जिससे मौजूदा निर्वाचन क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, इसमें जयपुर, जोधपुर और सीकर जैसे बड़े निर्वाचन क्षेत्रों को तीन-तीन भागों में विभाजित करने का सुझाव दिया गया है, जबकि दौसा जैसी कुछ आरक्षित सीटें सामान्य हो सकती हैं, जिससे सचिन पायलट जैसे नेताओं के लिए रास्ते खुलेंगे। यह पहल लोकसभा सीटों को बढ़ाने और 33% महिला आरक्षण लागू करने की एक बड़ी राष्ट्रीय योजना का हिस्सा है।

AI सारांश

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भाजपा समूह ने राजस्थान के लिए 37 सीटों की सिफारिश की

भाजपा के एक अध्ययन समूह की आंतरिक रिपोर्ट में राजस्थान की लोकसभा सीटों को मौजूदा 25 से बढ़ाकर 37 करने का सुझाव दिया गया है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो राज्य में 12 नए संसदीय निर्वाचन क्षेत्र बनेंगे। इस रिपोर्ट ने राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा छेड़ दी है, खासकर भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेताओं के बीच, क्योंकि यह राज्य के राजनीतिक मानचित्र को फिर से बना सकती है।

प्रमुख नेताओं और निर्वाचन क्षेत्रों पर प्रभाव

प्रस्तावित परिसीमन से कई प्रमुख हस्तियों के राजनीतिक भविष्य में भारी बदलाव आ सकता है। नागौर, जो वर्तमान में आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल की सामान्य सीट है, उसे एससी के लिए आरक्षित करने का सुझाव दिया गया है। इसी तरह, वसुंधरा राजे और दुष्यंत सिंह के गढ़ बाड़मेर-झालावाड़ को एसटी-आरक्षित सीट बनाया जा सकता है। राव राजेंद्र सिंह द्वारा प्रतिनिधित्व वाली जयपुर ग्रामीण को भी एससी-आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव है, जिससे इन नेताओं को नए चुनावी मैदान तलाशने पड़ सकते हैं।

आरक्षित सीटों में महत्वपूर्ण बदलाव

रिपोर्ट में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि की वकालत की गई है, कुल सीटों को 7 से बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव है। इसमें एससी के लिए 7 और एसटी के लिए 5 सीटें आरक्षित करना शामिल है। इसके विपरीत, दौसा (एसटी) और बीकानेर (एससी) जैसी कुछ वर्तमान आरक्षित सीटों को सामान्य बनाने की सिफारिश की गई है, जिससे दौसा में सचिन पायलट जैसे नेताओं के लिए अवसर खुल सकते हैं।

बड़े निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन

भौगोलिक और जनसंख्या के दबाव को संतुलित करने के लिए, अध्ययन समूह ने सुझाव दिया है कि जयपुर, जोधपुर, सीकर, उदयपुर और बांसवाड़ा जैसे बड़े लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों को तीन अलग-अलग भागों में विभाजित किया जाए। चूरू लोकसभा सीट को दो भागों में बांटने का प्रस्ताव है, और बूंदी को कोटा से अलग करके एक नई स्वतंत्र लोकसभा सीट बनाने की सिफारिश की गई है। हालांकि, वीआईपी नेताओं से जुड़ी लगभग 18 अन्य लोकसभा सीटों में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।

राष्ट्रीय परिसीमन और महिला आरक्षण का हिस्सा

राजस्थान में यह आंतरिक कवायद एक व्यापक राष्ट्रीय परिसीमन प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश भर में लोकसभा सीटों की कुल संख्या को 543 से बढ़ाकर 824-850 करना है। सीटों की इस वृद्धि और परिसीमन के बाद, 33% महिला आरक्षण लागू होने की उम्मीद है। उत्तरी भारत के राज्यों, जिनमें राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश शामिल हैं, में सीटों में सबसे महत्वपूर्ण वृद्धि का अनुमान है।

अंतिम निर्णय आधिकारिक परिसीमन आयोग द्वारा

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह रिपोर्ट वर्तमान में भाजपा का एक प्रारंभिक आंतरिक अध्ययन मॉडल है और अंतिम निर्णय का प्रतिनिधित्व नहीं करती है। अंतिम और आधिकारिक मंजूरी तभी मिलेगी जब संसद द्वारा एक वैधानिक 'परिसीमन आयोग' का औपचारिक रूप से गठन किया जाएगा, और वह अपनी अंतिम जमीनी रिपोर्ट और सीमा निर्धारण सरकार को सौंपेगा। तब तक, इस नए राजनीतिक मानचित्र के संबंध में चर्चाएँ और अटकलें जारी रहने की उम्मीद है।

क्यों मायने रखता है

राजस्थान में लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में प्रस्तावित वृद्धि और परिसीमन राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदल सकता है, जिससे प्रमुख राजनीतिक दलों और नेताओं की चुनावी संभावनाओं और रणनीतियों पर असर पड़ेगा। यह संसदीय प्रतिनिधित्व बढ़ाने और महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने की दिशा में एक बड़े राष्ट्रीय बदलाव का भी संकेत देता है।

मुख्य तथ्य

  • Current Lok Sabha Seats in Rajasthan: 25
  • Proposed Lok Sabha Seats in…: 37
  • Proposed increase in Lok Sabha Seats: 12
  • Current Reserved Seats (SC/ST): 7
  • Proposed Reserved Seats (SC/ST): 12
  • Expected total Lok Sabha seats…: 824-850

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