नागौर स्कूल भवन जर्जर, एक कमरे में चल रही कक्षाएं
राजस्थान के नागौर में डेगाना का राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल गंभीर बुनियादी ढाँचे संबंधी समस्याओं का सामना कर रहा है। 99 छात्रों के नामांकित होने के बावजूद, जीर्णोद्धार में देरी के कारण सभी आठ कक्षाओं और कार्यालय के काम के लिए केवल एक कमरा ही चालू है। भवन के तीन कमरों की मरम्मत जून तक पूरी होनी थी, लेकिन जुलाई तक केवल 40% काम ही पूरा हो पाया है, जिसके कारण छात्रों को बरामदे में पढ़ना पड़ रहा है और उचित शौचालय व पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। हेडमास्टर ने देरी के लिए ठेकेदार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे शैक्षणिक माहौल बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
AI सारांश
3 bulletsजर्जर हालत और जीर्णोद्धार में देरी
नागौर के डेगाना स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल जर्जर हालत में है। स्कूल भवन के तीन कमरों का जीर्णोद्धार होना था, जिसका काम फरवरी में शुरू हुआ था और प्रारंभिक समय सीमा जून निर्धारित की गई थी। हालांकि, जुलाई तक, जीर्णोद्धार का केवल 40% काम ही पूरा हो पाया था, जो कि निर्धारित समय से काफी पीछे है।
छात्र एक कमरे और बरामदे में पढ़ने को मजबूर
अधूरे जीर्णोद्धार के कारण, नामांकित सभी 99 छात्रों को एक ही कमरे में कक्षाएँ लेनी पड़ रही हैं, जिसका उपयोग स्कूल के कार्यालय के रूप में भी किया जाता है। पर्याप्त जगह की कमी के कारण कुछ छात्रों को बरामदे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है, जिससे शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया बुरी तरह बाधित हो रही है।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव
स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की भी गंभीर कमी है। बारिश के मौसम में छत टपकती है, और छात्रों के लिए पीने के पानी की उचित सुविधाएँ या कार्यात्मक शौचालय नहीं हैं। ये स्थितियाँ छात्रों और शिक्षकों दोनों के सामने आने वाली कठिनाइयों को और बढ़ा देती हैं।
हेडमास्टर ने ठेकेदार की लापरवाही को ठहराया जिम्मेदार
स्कूल के हेडमास्टर मुकेश ने धीमी कार्य गति और इसके परिणामस्वरूप शैक्षणिक व्यवधान का सीधा कारण ठेकेदार की लापरवाही को बताया है। पीईईओ सुरेश लोमरोड ने भी इस बात की पुष्टि की है कि निर्माण एजेंसी को फरवरी में काम सौंपा गया था, लेकिन वह जून की समय सीमा को पूरा करने में विफल रही।
समुदाय ने तत्काल कार्रवाई की मांग की
चिंतित ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से स्कूल का तत्काल निरीक्षण करने का आग्रह किया है। वे मांग करते हैं कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और समय पर पूरा किया जाए, तथा छात्रों के लिए सुरक्षित और अनुकूल शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करने हेतु पानी और उचित स्वच्छता जैसी आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जाएँ।
क्यों मायने रखता है
नागौर के एक सरकारी स्कूल के जीर्णोद्धार में देरी के कारण 99 छात्रों को एक ही कमरे में पढ़ना पड़ रहा है, जो सार्वजनिक शिक्षा में महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे के मुद्दों और परियोजना प्रबंधन में जवाबदेही की आवश्यकता को उजागर करता है।
मुख्य तथ्य
- •District: Nagaur
- •School Name: राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल, डेगाना
- •Enrolment: 99 students
- •Rooms under renovation: 3
- •Completion status (July): 40%
- •Original deadline: June
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