आईआईटी कानपुर ने सीबीएसई ओएसएम कमजोरियां उजागर करने वाले एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को किया नियुक्त

पश्चिम बंगाल के 19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को आईआईटी कानपुर ने वेबसाइटों और एप्लिकेशनों में साइबर सुरक्षा कमजोरियों का विश्लेषण करने के लिए नियुक्त किया है। उन्होंने सीबीएसई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पोर्टल में ओटीपी बाईपास और अनधिकृत परीक्षक खाता पहुंच सहित महत्वपूर्ण सुरक्षा खामियों का खुलासा किया था। ओएसएम विवाद की जांच कर रही एक आईआईटी पैनल ने पाया कि कोएमप्ट एडुटेक द्वारा प्रबंधित पोर्टल का पूरी तरह से परीक्षण नहीं किया गया था, बावजूद इसके कि एक ऑडिटर ने इसे मंजूरी दी थी। हालांकि अधिकारी ने कुछ डेटा डाउनलोड किया था, लेकिन उसे हटा दिया गया और छात्र रिकॉर्ड लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला।
क्यों मायने रखता है
यह मामला सार्वजनिक प्रणालियों, विशेषकर संवेदनशील छात्र डेटा को संभालने वाली प्रणालियों में मजबूत साइबर सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालता है। यह कमजोरियों की पहचान करने में एथिकल हैकिंग की भूमिका और डिजिटल प्लेटफार्मों के गहन परीक्षण की आवश्यकता पर जोर देता है, जो यूपीएससी/एसएससी परीक्षाओं में शासन और प्रौद्योगिकी के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है।
मुख्य तथ्य
- •Ethical Hacker’s Age: 19 years
- •Hacker's Origin: West Bengal
- •Employer: IIT Kanpur
- •Vulnerable System: CBSE On-Screen Marking (OSM) portal
- •Portal Manager: Coempt Eduteck
- •Panel Investigating OSM: IIT panel
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