CITU ने आंध्र प्रदेश में ₹26,000 न्यूनतम मजदूरी की मांग की
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) ने विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में "चलो कलेक्ट्रेट" रैली का आयोजन किया, जिसमें अनुसूचित उद्योगों, अनुबंधित और आउटसोर्सिंग नौकरियों में लगे श्रमिकों के लिए ₹26,000 मासिक न्यूनतम मजदूरी की मांग की गई। CITU के प्रदेश अध्यक्ष सी. नरसिंग राव ने इस बात पर जोर दिया कि न्यूनतम मजदूरी को लगभग दो दशकों से संशोधित नहीं किया गया है, और कर्मचारी वर्तमान में ₹6,000 से ₹12,000 कमा रहे हैं, जो बढ़ती महंगाई के कारण अपर्याप्त है। संघ ने पात्र संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, बर्खास्त किए गए कर्मचारियों की बहाली और भविष्य निधि और ईएसआई जैसे वैधानिक लाभों के कार्यान्वयन की भी मांग की।
AI सारांश
3 bulletsराज्यव्यापी 'चलो कलेक्ट्रेट' रैली
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) ने गुरुवार को विशाखापत्तनम में एक महत्वपूर्ण विरोध रैली का आयोजन किया। यह 'चलो कलेक्ट्रेट' कार्यक्रम एक बड़े राज्यव्यापी पहल का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों पर आंध्र प्रदेश सरकार पर दबाव बनाना था।
₹26,000 न्यूनतम मजदूरी की मांग
CITU की प्राथमिक मांग श्रमिकों के लिए ₹26,000 मासिक न्यूनतम मजदूरी को लागू करना था। यह मांग अनुसूचित उद्योगों के साथ-साथ राज्य भर में ठेका और आउटसोर्सिंग नौकरियों में कार्यरत श्रमिकों पर भी लागू होती है।
दशकों से वेतन संशोधन नहीं
CITU के प्रदेश अध्यक्ष सी. नरसिंग राव ने इस बात पर जोर दिया कि छोटे पैमाने के उद्योगों, दुकानों, मॉल, निजी शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और पेट्रोल बंक सहित कई उद्योगों में न्यूनतम मजदूरी को लगभग दो दशकों से संशोधित नहीं किया गया है। इस स्थिरता के कारण वर्तमान मजदूरी ₹6,000 से ₹12,000 तक है, जिसे बढ़ती महंगाई के कारण अपर्याप्त माना जा रहा है।
नियमितीकरण और लाभों की मांग
न्यूनतम मजदूरी से परे, संघ ने आंध्र विश्वविद्यालय में संविदा कर्मचारियों के लिए मजदूरी में तत्काल वृद्धि की भी मांग की। इसके अलावा, हाल के उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए, उन्होंने राज्य सरकार के विभागों में पात्र संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के स्थायी नियमितीकरण की मांग की। संघ ने विभिन्न सुविधाओं में बर्खास्त किए गए संविदा श्रमिकों की बहाली और भविष्य निधि और ईएसआई जैसे वैधानिक लाभों के कार्यान्वयन के साथ-साथ आठ घंटे के कार्यदिवस को लागू करने की भी मांग की।
क्यों मायने रखता है
उच्च न्यूनतम मजदूरी और बेहतर काम की परिस्थितियों की यह मांग आंध्र प्रदेश में श्रमिकों के एक बड़े वर्ग के वित्तीय संघर्षों को संबोधित करती है, जिससे उनकी आजीविका और राज्य की श्रम नीतियों पर संभावित रूप से प्रभाव पड़ सकता है।
मुख्य तथ्य
- •Minimum wage demanded: ₹26,000 per month
- •Current wages (estimated): ₹6,000 - ₹12,000 per month
- •Duration since last wage revision: Nearly two decades
- •Location of protest: Visakhapatnam, Andhra Pradesh
- •Date of protest: July 30, 2026
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