अजमेर: किसानों की ट्रैक्टर रैली कलक्ट्रेट से पहले रोकी गई
सिंगला बांध के भूमि अवार्ड को रद्द करने की मांग को लेकर किसानों ने अजमेर कलक्ट्रेट तक 96 ट्रैक्टरों के साथ रैली निकाली। रूपनगढ़ से शुरू हुई इस रैली को अजमेर में प्रवेश करने से पहले लोहागल के पास पुलिस ने रोक दिया। लगभग 100 पुलिसकर्मी, बैरिकेडिंग, एक डंपर और जेसीबी तैनात कर रैली को आगे बढ़ने से रोका गया। पूर्व पुष्कर विधायक नसीम अख्तर इंसाफ भी मौके पर पहुंचीं। रूपनगढ़ एसडीएम रामकुमार टाडा ने किसानों से बातचीत शुरू की और 20 प्रतिनिधियों को शास्त्री नगर थाने में बुलाया। किसान 20 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं और भूमि अवार्ड रद्द करने व लिखित समाधान की मांग कर रहे हैं।
AI सारांश
3 bulletsअजमेर की ओर ट्रैक्टर रैली
रूपनगढ़ के किसानों ने बुधवार को अजमेर कलक्ट्रेट की ओर ट्रैक्टर रैली निकाली। सिंगला बांध भूमि अवार्ड मामले को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के उद्देश्य से लगभग 96 ट्रैक्टरों ने इसमें भाग लिया। यह प्रदर्शन सिंगला बांध पर 20 दिनों से चल रहे विरोध के बाद किया गया।
पुलिस का हस्तक्षेप और बैरिकेडिंग
अजमेर में प्रवेश करने से ठीक पहले लोहागल के पास पुलिस ने रैली को रोक दिया। अधिकारियों ने लगभग 100 पुलिसकर्मियों के साथ बैरिकेडिंग, एक डंपर और एक जेसीबी तैनात की, ताकि ट्रैक्टरों को आगे बढ़ने से रोका जा सके। यह तैनाती कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसानों को कलक्ट्रेट तक पहुंचने से रोकने के लिए की गई थी।
बातचीत जारी
रैली रोकने के बाद, रूपनगढ़ एसडीएम रामकुमार टाडा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत शुरू की। आगे की चर्चा के लिए 20 किसान प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल को शास्त्री नगर थाने बुलाया गया। पूर्व पुष्कर विधायक नसीम अख्तर इंसाफ भी किसानों के समर्थन में मौके पर पहुंचीं।
मुख्य विवाद: सिंगला बांध भूमि अवार्ड
किसानों का विरोध 1993-94 में बने सिंगला बांध के लिए भूमि अधिग्रहण पर केंद्रित है। लगभग 2500 बीघा कृषि भूमि सिंचाई विभाग को अवार्ड की गई थी और उस समय मुआवजा भी निर्धारित किया गया था। हालांकि, किसानों का दावा है कि वे वर्षों तक इस अवार्ड से अनजान थे और भूमि लेनदेन सामान्य रूप से जारी रहे। उन्हें हाल ही में मोरसागर बांध और आनासागर जल परियोजनाओं के दौरान इसकी जानकारी मिली।
अवार्ड रद्द करने की मांग
किसान भूमि अवार्ड रद्द करने और अपनी शिकायतों का लिखित समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा, भले ही जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के साथ पहले बातचीत हुई थी, जिन्होंने मंत्रिमंडल में मामला उठाने का आश्वासन दिया था। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद भूमि रिकॉर्ड से संबंधित कुछ प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी शुरू की गई थीं।
क्यों मायने रखता है
किसानों का यह विरोध प्रदर्शन लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवादों और ऐसे प्रदर्शनों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया को उजागर करता है, जिससे स्थानीय शासन और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होती है।
मुख्य तथ्य
- •Farmers Protesting: 20 days
- •Number of Tractors in Rally: 96
- •Police Personnel Deployed: Around 100
- •Land Awarded: 2500 bigha for Singla Dam (1993-94)
- •Location of Stoppage: Lohagal, near Ajmer
- •Negotiation Point: Shastri Nagar Police Station
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