Briovo

Article

Priyanka GandhiMonsoon SessionParliamentStudent Protest

प्रियंका गांधी ने छात्र प्रदर्शन, पेपर लीक पर सरकार को घेरा

Briovo· 29 Jul 2026, 03:31 am IST
प्रियंका गांधी ने छात्र प्रदर्शन, पेपर लीक पर सरकार को घेरा

मानसून संसद सत्र 2026 के दौरान, प्रियंका गांधी वाड्रा ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन और पिछले एक दशक में हुए 152 पेपर लीक को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर आंसू गैस, लाठीचार्ज और यहां तक कि पैलेट गन के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ऐसे आदेश किसने दिए। गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंस्टाग्राम पर रील बनाने पर भी तंज कसा और कहा कि उन्हें कैमरे का नहीं, बल्कि दिल का एंगल बदलना होगा। उन्होंने सरकार पर रोजगार क्षेत्र को कमजोर करने और शिक्षा प्रणाली को RSS प्रचारकों से भरने का आरोप लगाया, जिसके कारण परीक्षाओं में लगातार विफलताएं और पेपर लीक के दोषियों को सजा न मिलना जारी है।

AI सारांश

3 bullets

छात्रों पर कार्रवाई पर संसदीय हंगामा

मानसून संसद सत्र 2026 के दौरान, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर बर्बर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने छात्रों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की आवश्यकता पर सवाल उठाया और यह जानना चाहा कि आंसू गैस और लाठी के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। गांधी ने जोर देकर कहा कि छात्र आतंकवादी नहीं थे और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई के लिए जवाबदेही की मांग की।

पैलेट गन के इस्तेमाल पर सवाल

प्रियंका गांधी वाड्रा ने विशेष रूप से प्रदर्शनकारी युवाओं पर पैलेट गन और एके-47 के कथित इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सीधे सरकार को चुनौती दी, यह पूछते हुए कि क्या प्रधानमंत्री या गृह मंत्री ने छात्रों के खिलाफ ऐसे चरम उपायों का आदेश दिया था। गांधी ने जोर देकर कहा कि पूरा देश यह जानने के लिए जवाब मांग रहा है कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इन संभावित घातक हथियारों के इस्तेमाल को किसने मंजूरी दी थी।

दस वर्षों में पेपर लीक, फिर भी न्याय नहीं

गांधी ने परीक्षा प्रणाली में एक गंभीर विफलता पर प्रकाश डाला, यह खुलासा करते हुए कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हुए हैं, जिससे लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं। व्यापक मुद्दों के बावजूद, उन्होंने जवाबदेही की पूर्ण कमी का उल्लेख किया, यह कहते हुए कि पेपर लीक माफिया के एक भी अपराधी या सदस्य को दंडित नहीं किया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि इस प्रणालीगत विफलता ने शिक्षा क्षेत्र की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है।

शिक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में

प्रियंका गांधी ने सरकार पर आरएसएस के प्रचारकों को शामिल करके और एनटीए जैसे संस्थानों का केंद्रीकरण करके शिक्षा प्रणाली को जानबूझकर कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कुल राष्ट्रीय बजट के प्रतिशत के रूप में शिक्षा बजट साल-दर-साल घट रहा है, जो क्षेत्र के प्रति सरकार की कथित उपेक्षा को और उजागर करता है। उन्होंने दावा किया कि इन कार्रवाइयों ने शैक्षिक ढांचे को खोखला कर दिया है।

पीएम मोदी के 'दिल के एंगल' पर तंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा तंज कसते हुए, प्रियंका गांधी ने इंस्टाग्राम रील्स बनाने और नई पीढ़ी के साथ ऑनलाइन जुड़ने पर उनके ध्यान की आलोचना की। उन्होंने सुझाव दिया कि सोशल मीडिया के लिए कैमरे के एंगल की चिंता करने के बजाय, प्रधानमंत्री को युवाओं की वास्तविक शिकायतों और पीड़ा को दूर करने के लिए अपने "दिल के एंगल" को बदलने को प्राथमिकता देनी चाहिए। गांधी ने उनसे युवाओं द्वारा सामना किए गए अन्याय को हल करने के लिए जिम्मेदारी लेने और ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।

क्यों मायने रखता है

प्रियंका गांधी वाड्रा की संसद में की गई कड़ी टिप्पणियां छात्र कल्याण, परीक्षा की शुचिता और सरकारी जवाबदेही के बारे में चल रही चिंताओं को उजागर करती हैं, जिससे राजनीतिक बहस और तेज़ हो गई है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक प्रमुख विपक्षी नेता को युवाओं और शिक्षा प्रणाली को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को चुनौती देते हुए दिखाता है।

मुख्य तथ्य

  • Criticism Focus: Student protests (July 20), 152 paper leaks in 10 years
  • Key Allegations: Use of tear gas, lathi-charge, pellet guns on students
  • Government Accountability: Questioned PM/HM on ordering force against students
  • Education System Flaws: Weakened employment sector, RSS ideologues in education, NTA centralisation
  • PM Criticism: Focus on Instagram reels instead of real issues, needs to change 'heart's angle'
  • Consequences: No convictions for paper leak mafia despite 152 leaks affecting crores of students

क्या यह मददगार था?

Reader pulse

0 votes
Test yourself

Generate a 5-question quiz from this article.

चर्चा

Discussion (0)

Loading…