राम मंदिर मुद्दे पर संसद में गतिरोध जारी
लगातार 13वें दिन संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के कारण कार्यवाही बाधित रही। विपक्ष ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग की और कथित राम मंदिर दान घोटाले पर चिंता जताई। हंगामे के बीच लोकसभा ने बिना बहस के बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पारित कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए उन पर भगवान राम विरोधी होने का आरोप लगाया। सरकार ने उठाए गए मुद्दों पर कोई आश्वासन नहीं दिया है, जिससे विधायी गतिरोध जारी है।
AI सारांश
3 bulletsसंसदीय गतिरोध जारी
भारतीय संसद के दोनों सदनों में लगातार 13वें दिन कार्यवाही बाधित रही। विपक्ष ने अपने विरोध प्रदर्शन जारी रखे, जिसमें दो प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया: राम मंदिर के लिए दान से संबंधित एक कथित घोटाला और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के संबंध में गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग।
लोकसभा की कार्यवाही बाधित
लोकसभा में, सदन के सत्र शुरू होते ही विपक्षी सांसद तुरंत वेल में चले गए, नारे लगाए और तख्तियां प्रदर्शित कीं। अध्यक्ष ओम बिरला की व्यवस्था बनाए रखने और प्रश्नकाल के साथ आगे बढ़ने की अपील के बावजूद, विरोध प्रदर्शनों के कारण दोपहर 2 बजे तक स्थगन हो गया।
अराजकता के बीच विधेयक पारित
जब लोकसभा फिर से शुरू हुई, तो बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पर विचार किया गया। विपक्ष के वेल में विरोध जारी रखने के बावजूद, यह विधेयक अंततः बिना किसी बहस के ध्वनि मत से पारित हो गया, जो जारी विधायी गतिरोध को दर्शाता है।
सरकार ने विपक्ष की आलोचना की
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष की रणनीति की खुले तौर पर आलोचना की, विशेष रूप से राम मंदिर दान चोरी के कथित विरोध में उनके नुक्कड़ नाटकों की। उन्होंने कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टियों और समाजवादी पार्टी जैसे दलों पर मंदिर निर्माण का विरोध करने और भगवान राम के खिलाफ होने का आरोप लगाया।
राज्यसभा भी प्रभावित
राज्यसभा में भी इसी तरह के व्यवधान देखे गए, जिससे सुबह के सत्र में दो बार स्थगन हुआ। अध्यक्ष सी.पी. राधाकृष्णन की शालीनता और संसदीय नियमों का पालन करने की बार-बार की अपीलें, जैसे वेल में प्रवेश न करना या तख्तियां प्रदर्शित न करना, अनसुनी कर दी गईं।
क्यों मायने रखता है
लंबे समय से चले आ रहे संसदीय गतिरोध से महत्वपूर्ण राजनीतिक तनाव उजागर होता है और विधायी प्रगति बाधित होती है, जिससे शासन और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर सार्वजनिक विमर्श प्रभावित होता है।
मुख्य तथ्य
- •Duration of Disruption: 13 consecutive days
- •Key Opposition Demands: Statement from Home Minister on police action, probe into alleged Ram Temple scam
- •Bill Passed Amidst Uproar: Bankers’ Books Evidence Bill
- •Government Stance: No assurances given on Opposition demands
- •Date of Article Publication: August 5, 2026
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…