मोदी सरकार ने DBT, ई-नाम और फसल बीमा से बदली कृषि की तस्वीर

मोदी सरकार ने बिचौलियों को खत्म कर और किसानों को सीधा वित्तीय सहायता देकर भारतीय कृषि में संरचनात्मक बदलाव किए हैं। पीएम-किसान जैसी योजनाएं लाखों किसानों को सालाना ₹6000 प्रदान करती हैं, जबकि ई-नाम बेहतर कीमतों के लिए अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक बाजार बनाता है। सरकार ने पीएमएफबीवाई के माध्यम से जोखिम प्रबंधन को भी मजबूत किया है, जो किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाता है। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार के अनुसार, उपग्रह इमेजरी, ड्रोन तकनीक और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग उत्पादकता बढ़ाने, निर्यात, स्टार्टअप और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।
क्यों मायने रखता है
ये सुधार किसान-केंद्रित नीतियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो कृषि आय, बाजार पहुंच और जोखिम न्यूनीकरण को प्रभावित करते हैं। यह यूपीएससी (जीएस-III अर्थव्यवस्था, कृषि) और एसएससी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, जो सरकारी योजनाओं और कृषि विकास पर केंद्रित है।
मुख्य तथ्य
- •Annual PM-KISAN amount: ₹6000
- •Date of publication: June 11, 2026
- •Spokesperson: Neeraj Kumar (BJP)
- •Key Schemes Mentioned: PM-KISAN, e-NAM, PMFBY, PM Matsya Sampada Yojana
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