थरूर ने भारतीय नाविकों की मौत पर अमेरिका से सवाल उठाए

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ओमान के पास एक मिसाइल हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद अमेरिकी प्रतिक्रिया की आलोचना की है। थरूर ने सवाल उठाया कि जहाज को रोकने के लिए गैर-घातक साधनों का उपयोग क्यों नहीं किया गया और अमेरिका से खेद व्यक्त न करने पर गहरा सदमा व्यक्त किया, इसे एक रणनीतिक साझेदार के लिए "अत्यंत असंवेदनशील" बताया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी अमेरिका से बिना शर्त माफी की मांग की, और कहा कि उनके कार्य "अवैध, लापरवाह और अस्वीकार्य" थे। यह घटना अंतरराष्ट्रीय जल में भारतीय चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा और अमेरिका से जवाबदेही की मांग पर चिंताओं को उजागर करती है।
AI सारांश
3 bulletsथरूर ने अमेरिकी असंवेदनशीलता पर सवाल उठाए
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ओमान के पास मिसाइल हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर अमेरिका की प्रतिक्रिया पर गहरा सदमा और निराशा व्यक्त की। उन्होंने अमेरिका की ओर से खेद या संवेदना की अनुपस्थिति की आलोचना की, इसे एक तथाकथित मित्र और रणनीतिक साझेदार के लिए "अत्यंत असंवेदनशील" बताया। थरूर ने एक वाणिज्यिक जहाज के खिलाफ घातक बल के प्रयोग के औचित्य पर चिंता जताई।
गैर-घातक विकल्पों का आह्वान
थरूर ने सवाल किया कि एक गैर-अनुपालक वाणिज्यिक जहाज को गैर-घातक तरीकों से क्यों नहीं रोका जा सकता था। उन्होंने नागरिक दल के सदस्यों को मारने के लिए डिज़ाइन की गई मिसाइलों के उपयोग की आवश्यकता पर सवाल उठाया, यह सुझाव देते हुए कि घातक बल के बिना जहाज के प्रणोदन या स्टीयरिंग को निष्क्रिय करना संभव होना चाहिए था। यह ऐसी घटनाओं में उपयोग किए गए बल की आनुपातिकता पर एक महत्वपूर्ण बहस को उजागर करता है।
कांग्रेस ने माफी की मांग की
कांग्रेस मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने मौतों के लिए अमेरिका से बिना शर्त माफी की मांग करते हुए एक कड़ा बयान जारी किया। खेड़ा ने अमेरिकी कार्रवाइयों को "अवैध, लापरवाह और अस्वीकार्य" बताया, यह देखते हुए कि अमेरिकी सचिव रूबियो की प्रतिक्रिया पश्चाताप के बजाय चेतावनी वाली थी। उन्होंने अमेरिका की ओर से जान गँवाने वालों को स्वीकार न करने और जिम्मेदारी न लेने पर खेद व्यक्त किया।
विरोध के बीच अमेरिकी बचाव
यह घटना तब हुई जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाशिंगटन की नाकाबंदी का बचाव किया। यह बचाव विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा भारतीय नाविकों की मौत के संबंध में कड़ा विरोध दर्ज कराने के बावजूद आया। नागरिक हताहतों के लिए खेद व्यक्त करने के बजाय अपने सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने वाले अमेरिकी रुख ने भारतीय राजनीतिक हस्तियों से तीखी आलोचना बटोरी है।
क्यों मायने रखता है
यह घटना संघर्ष क्षेत्रों में भारतीय नाविकों की संवेदनशीलता को उजागर करती है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों तथा वैश्विक शक्तियों के आचरण के बारे में सवाल उठाती है। यह अपने सहयोगियों के प्रति अमेरिका की राजनयिक जिम्मेदारियों, विशेष रूप से नागरिक हताहतों के संबंध में, पर बहस को भी बढ़ावा देती है।
मुख्य तथ्य
- •Number of Indian seafarers killed: 3
- •Location of missile attack: Off the coast of Oman
- •Criticism from: Shashi Tharoor (Congress MP) and Pawan Khera (Congress)
- •US Official who defended blockade: US Secretary of State Marco Rubio
- •Indian Minister who lodged protest: External Affairs Minister S Jaishankar
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