असम बाढ़: मरने वालों की संख्या 89 हुई, 1.22 लाख से अधिक लोग प्रभावित
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, मरने वालों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है और पाँच जिलों में 1.22 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। रात भर हुई बारिश से आगे जलभराव का खतरा है। गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी गंभीर बाढ़ की स्थिति में बह रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा स्थिति का आकलन करने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित जिला है। राहत शिविर संचालित हैं, जिनमें लगभग 18,000 विस्थापित व्यक्तियों को आश्रय दिया जा रहा है।
AI सारांश
3 bulletsअसम में बाढ़ की गंभीर स्थिति
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, रात भर हुई बारिश से निचले इलाकों में नए सिरे से जलभराव का खतरा पैदा हो गया है। बाढ़ के कारण मरने वालों की कुल संख्या अब 89 हो गई है, जो पूरे राज्य में आपदा के गंभीर प्रभाव को दर्शाती है।
धनसिरी नदी में गंभीर बाढ़
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी वर्तमान में "गंभीर बाढ़ की स्थिति" में है। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण आस-पास रहने वाले नागरिकों को दूर रहने की सलाह दी गई है, जो तत्काल खतरे को उजागर करता है।
आकलन के लिए मंत्री का दौरा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे ताकि जमीनी स्थिति का आकलन किया जा सके। वह राज्य के अधिकारियों के साथ चल रहे राहत और पुनर्वास उपायों की समीक्षा भी करेंगे, जिसका उद्देश्य प्रयासों को सुव्यवस्थित करना और आवश्यक सहायता प्रदान करना है।
शिवसागर बुरी तरह प्रभावित
शिवसागर जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां लगभग 60,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। चराइदेव और जोरहाट जिलों में भी प्रभावित व्यक्तियों की बड़ी संख्या दर्ज की गई है, जो आपदा के व्यापक स्वरूप को दर्शाता है।
राहत प्रयास और नुकसान
प्रशासन चार जिलों में 55 राहत शिविर और वितरण केंद्र चला रहा है, जो 17,857 विस्थापित व्यक्तियों को आश्रय प्रदान कर रहे हैं। बाढ़ ने 15,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को जलमग्न कर दिया है और 26,575 घरेलू पशुओं और मुर्गियों को प्रभावित किया है। तटबंधों, सड़कों, घरों और स्कूलों को भी व्यापक नुकसान हुआ है।
क्यों मायने रखता है
असम में बढ़ती बाढ़ आपदा मानव पीड़ा और बुनियादी ढांचे तथा आजीविका को हुए व्यापक नुकसान को कम करने के लिए मजबूत आपदा प्रबंधन और राहत प्रयासों की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।
मुख्य तथ्य
- •Death Toll: 89
- •Affected Population: Over 1.22 lakh
- •Affected Districts: 5
- •Worst-hit District: Sivasagar (nearly 60,000 affected)
- •Relief Camps Operational: 55
- •Displaced in Camps: 17,857
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