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इंस्टाग्राम पर बाल शोषण विज्ञापनों को लेकर केंद्र ने मेटा को दिया नोटिस

Briovo· 06 Jul 2026, 10:34 am IST
इंस्टाग्राम पर बाल शोषण विज्ञापनों को लेकर केंद्र ने मेटा को दिया नोटिस

भारत सरकार ने इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSEAM) को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को लेकर मेटा (इंस्टाग्राम की मूल कंपनी) को कड़ा नोटिस जारी किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्टाग्राम को ऐसे सभी विज्ञापन और सामग्री हटाने का निर्देश दिया है जो CSEAM तक पहुंच को सुविधाजनक बनाते हैं। मेटा को सात दिनों के भीतर विस्तृत जवाब देने को कहा गया है। सरकार मेटा की सामग्री मॉडरेशन प्रणालियों और अवैध सामग्री के खिलाफ की गई कार्रवाइयों पर एक व्यापक रिपोर्ट भी मांग सकती है। यह कार्रवाई ऐसे विज्ञापनों के प्रसार और कंपनी के निवारक उपायों के बारे में पिछली पूछताछ के बाद आई है। अलग से, मेटा ने व्हाट्सएप के उपयोगकर्ता नाम सुविधा के संबंध में मंत्रालय को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय मांगा है, जिसके रोलआउट को हाल ही में सरकार ने रोक दिया था।

AI सारांश

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सरकार का इंस्टाग्राम को CSEAM विज्ञापन हटाने का निर्देश

भारत सरकार ने इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSEAM) से संबंधित विज्ञापनों के प्रसार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा को एक कड़ा नोटिस जारी कर प्लेटफॉर्म से ऐसी सभी आपत्तिजनक सामग्री को हटाने की मांग की है। यह निर्देश ऑनलाइन शोषण से बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

मेटा को जवाब देने के लिए सात दिन का समय

कड़े निर्देश के बाद, मेटा को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को विस्तृत जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। सरकार ऐसे विज्ञापनों की उपस्थिति और मेटा द्वारा उनकी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए लागू किए जाने वाले उपायों के संबंध में एक व्यापक स्पष्टीकरण की उम्मीद करती है। यह कड़ी समय सीमा मामले की तात्कालिकता को दर्शाती है।

मॉडरेशन सिस्टम पर विस्तृत रिपोर्ट की उम्मीद

सूत्रों से पता चला है कि मंत्रालय मेटा से उसकी सामग्री मॉडरेशन प्रणालियों और विज्ञापन समीक्षा प्रक्रियाओं के संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट भी मांग सकता है। इस रिपोर्ट में मेटा द्वारा अपने प्लेटफॉर्म पर अवैध और हानिकारक सामग्री से निपटने के लिए उठाए गए कदम शामिल होंगे। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मेटा के सुरक्षा उपाय ऑनलाइन बाल शोषण का मुकाबला करने में मजबूत और प्रभावी हों।

पिछली पूछताछ और कंपनी का रुख

यह नवीनतम कार्रवाई मंत्रालय द्वारा मेटा से इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापनों के प्रसार के संबंध में की गई पिछली पूछताछ के बाद आई है। सरकार ने पहले प्लेटफॉर्म के निवारक उपायों और बाल शोषण को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को रोकने की उसकी रणनीति पर सवाल उठाया था। फिलहाल, मेटा ने इस विशेष नोटिस के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर भी जांच के दायरे में

एक संबंधित घटनाक्रम में, मेटा ने व्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर के संबंध में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को जवाब देने के लिए तीन दिन का विस्तार मांगा है। सरकार ने हाल ही में इसके रोलआउट पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया था कि यह फीचर वैकल्पिक होगा और इसमें पहचान की चोरी और धोखाधड़ी के खिलाफ सुरक्षा उपाय शामिल होंगे।

क्यों मायने रखता है

मेटा के खिलाफ सरकार की कड़ी कार्रवाई ऑनलाइन बाल यौन शोषण और ऐसी सामग्री को रोकने में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी को लेकर बढ़ती चिंता को उजागर करती है।

मुख्य तथ्य

  • Issuing Authority: Ministry of Electronics and Information Technology, India
  • Platform in Question: Instagram (owned by Meta)
  • Issue Description: Advertisements promoting Child Sexual Abuse Material (CSEAM)
  • Action Taken: Strict notice issued to Meta; order to remove all such ads/content
  • Response Deadline: Seven days for Meta to provide a detailed response
  • Related Incident: WhatsApp username feature rollout halted by Indian government

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