कर्नाटक के सीएम डी.के. शिवकुमार ने शपथ ग्रहण समारोह के बीच अपनी हिंदू आस्था की पुष्टि की

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि उनकी हिंदू पहचान और आस्था व्यक्तिगत है, राजनीतिक नहीं, और 3 जून को उनके शपथ ग्रहण समारोह के दौरान किए गए हिंदू अनुष्ठान उनकी भक्ति की अभिव्यक्ति थे। उन्होंने सभी धर्मों के प्रति अपने सम्मान पर जोर दिया और बताया कि उन्होंने पदभार ग्रहण करने से पहले विभिन्न धर्मों के नेताओं से आशीर्वाद मांगा था, जो महत्वपूर्ण अवसरों पर एक सामान्य प्रथा है। शिवकुमार ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कोई भी अपना धर्म नहीं छोड़ सकता है और मंदिरों, जैसे कि ऐतिहासिक गंगाधरेश्वर मंदिर, की उनकी यात्राएँ व्यक्तिगत आस्था और जन कल्याण के लिए प्रार्थना से प्रेरित हैं, न कि राजनीतिक शपथ से।
क्यों मायने रखता है
यह बयान भारतीय राजनीति में व्यक्तिगत आस्था और सार्वजनिक पद के प्रतिच्छेदन पर प्रकाश डालता है, जो एक विविध लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर धर्मनिरपेक्षता और व्यक्तिगत धार्मिक स्वतंत्रता को समझने के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है। इसे यूपीएससी जीएस पेपर 2 (राजव्यवस्था और शासन – धर्मनिरपेक्षता, भारतीय संविधान) से जोड़ा जा सकता है।
मुख्य तथ्य
- •Chief Minister of Karnataka: DK Shivakumar
- •Date of oath-taking ceremony with Hindu rituals: June 3
- •Historic temple visited by CM: Gangadhareshwara Temple at Mallaghatta
- •Religious institution visited by CM: Sri Kadu Siddeshwara Math at Nonavinakere
- •Development works amount in Mallaghatta region: ₹35 crore
- •Article publication date: June 6, 2026
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