राहुल गांधी ने कोटा रैली में पेपर लीक को लेकर शिक्षा व्यवस्था पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा में "छात्रों की गूंज" रैली में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर भारतीय शिक्षा प्रणाली और मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली छात्रों को "दबाती" और "बर्बाद" करती है, इसे NEET-UG पेपर लीक और CBSE मूल्यांकन संबंधी चिंताओं से जोड़ा। गांधी ने सुधारों का आह्वान किया, इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान प्रणाली एक "अस्वीकृति प्रणाली" है न कि "चयन प्रणाली" और यह रोजगार योग्य युवाओं का निर्माण करने या विविध करियर पथों का समर्थन करने में विफल रहती है। उन्होंने टेलीग्राम प्रतिबंध की भी निंदा की और सरकार से पेपर लीक माफिया को निशाना बनाने का आग्रह किया। भाजपा ने गांधी पर NEET-UG पुन:परीक्षा से पहले इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
AI सारांश
3 bulletsराहुल गांधी की कड़ी निंदा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा में 'छात्रों की गूंज' रैली के दौरान नरेंद्र मोदी सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और अनियमितताओं के मुद्दे की आलोचना करते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली छात्रों को 'दबाती' और 'बर्बाद करती' है। यह आलोचना NEET-UG पेपर लीक और CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया से संबंधित मौजूदा चिंताओं के बीच आई है।
प्रणालीगत विफलताएं और छात्रों पर दबाव
गांधी ने मौजूदा प्रणाली को एक 'अस्वीकृति प्रणाली' बताया, न कि 'चयन प्रणाली', जिसका मानना है कि यह छात्रों पर अत्यधिक तनाव डालती है। उन्होंने तर्क दिया कि प्रणाली का डिज़ाइन युवाओं और राष्ट्र के भविष्य के लिए हानिकारक है। कांग्रेस नेता ने बताया कि वर्तमान ढाँचा अक्सर करियर के विकल्पों को सीमित करता है और छात्रों को अपरंपरागत रास्ते अपनाने से रोकता है।
रोजगार क्षमता और लागत पर आलोचना
राहुल गांधी ने रोजगार योग्य युवाओं का उत्पादन करने में शिक्षा प्रणाली की विफलता की भी आलोचना की, यह बताते हुए कि केवल एक छोटा प्रतिशत लोग ही वेतनभोगी नौकरी प्राप्त करते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा लागत के कारण परिवारों पर पड़े भारी वित्तीय बोझ पर प्रकाश डाला, और एक ऐसी प्रणाली की वकालत की जो छात्रों को न्यूनतम वित्तीय दबाव के साथ अपने सपनों को प्राप्त करने में मदद करे। गांधी ने वर्तमान संरचना में सुधार के लिए व्यापक सुधारों का आह्वान किया।
टेलीग्राम प्रतिबंध और भाजपा की प्रतिक्रिया
गांधी ने टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध का भी विरोध किया, और सरकार से संचार प्लेटफार्मों को प्रतिबंधित करने के बजाय पेपर लीक माफिया से निपटने का आग्रह किया। जवाब में, भाजपा ने गांधी पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया, खासकर NEET-UG पुन:परीक्षा से कुछ ही दिन पहले। उन्होंने उनसे इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान राजनीतिक गतिविधियों से छात्रों का ध्यान भटकाने का आग्रह किया।
कांग्रेस की पहुंच और भविष्य की योजनाएं
''छात्रों की गूूंज'' पहल कांग्रेस के व्यापक छात्र आउटरीच प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पेपर लीक और उच्च परीक्षा लागत जैसे मुद्दों को उजागर करना है। पार्टी इलाहाबाद, पटना और दिल्ली में इसी तरह की रैलियां आयोजित करने की योजना बना रही है, जिसमें शिक्षा मंत्री से जवाबदेही की मांग की जाएगी। इन आयोजनों में छात्रों को शामिल करने और उनकी करियर आकांक्षाओं पर चर्चा करने के लिए 'संगीत समारोह जैसा माहौल' होता है।
क्यों मायने रखता है
NEET-UG जैसी प्रमुख राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के आरोप लाखों छात्रों के करियर को प्रभावित करते हैं, जिससे भारत की शिक्षा और भर्ती प्रणाली में निष्पक्षता और पारदर्शिता के बारे में चिंताएं बढ़ जाती हैं। राहुल गांधी की आलोचना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दे पर प्रकाश डालती है, जो सुधारों के लिए दबाव डाल रही है।
मुख्य तथ्य
- •Event: Chhatron Ki Goonj rally
- •Location: Kota, Rajasthan
- •Key Issue: Paper leaks & exam irregularities (NEET-UG, CBSE)
- •Criticism: Education system "suppresses" & "butchers" students
- •Additional Criticism: Telegram ban, failure to create employable youth
- •BJP's Response: Accused Gandhi of politicizing before NEET-UG re-exam
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