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अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस: पीएम मोदी ने नशामुक्त भारत का संकल्प लेने का आग्रह किया

Briovo· 26 Jun 2026, 05:08 am IST
अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस: पीएम मोदी ने नशामुक्त भारत का संकल्प लेने का आग्रह किया

अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से विकसित राष्ट्र के लिए 'नशामुक्त भारत' का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नशीले पदार्थों की लत सिर्फ एक सामाजिक या स्वास्थ्य समस्या नहीं है, बल्कि भारत के भविष्य, विशेषकर उसके युवाओं से जुड़ी एक गंभीर चिंता है। 15 अगस्त, 2020 को शुरू किया गया 'नशा मुक्त भारत अभियान' इस लड़ाई को एक जन-आंदोलन में बदलने का लक्ष्य रखता है, जिसमें महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह अभियान लाखों लोगों को लत से बचाने, राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने और भारत की बड़ी युवा आबादी की क्षमता का उपयोग करने का प्रयास करता है। मोदी ने पुनर्वास के लिए सामुदायिक समर्थन के महत्व पर जोर दिया।

AI सारांश

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पीएम मोदी का नशामुक्त भारत का आह्वान

अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित राष्ट्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में नशामुक्त भारत का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नशीले पदार्थों की लत सिर्फ एक सामाजिक या स्वास्थ्य चिंता नहीं है, बल्कि देश के युवाओं और समग्र प्रगति को प्रभावित करने वाली एक गहरी चुनौती है। इस पहल का उद्देश्य लाखों जिंदगियों को बचाना और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करना है।

युवा: भारत की सबसे बड़ी संपत्ति

मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जो 'अमृत काल' के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति है। उन्होंने वैश्विक नेतृत्व प्राप्त करने के लिए इस युवा शक्ति को शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में निर्देशित करने के महत्व पर बल दिया। इसके विपरीत, यदि युवा नशीले पदार्थों की लत का शिकार होते हैं, तो यह न केवल एक पीढ़ी को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि पूरे देश के भविष्य को खतरे में डाल देगा।

नशा मुक्त भारत अभियान: एक जन आंदोलन

15 अगस्त, 2020 को शुरू किया गया 'नशा मुक्त भारत अभियान' प्रधान मंत्री मोदी के मार्गदर्शन में एक जन आंदोलन में बदल गया है। सरकार का दृष्टिकोण केवल कानून और व्यवस्था या स्वास्थ्य से परे है, वह नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को युवाओं के भविष्य और राष्ट्रीय प्रगति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा मानती है। इस अभियान ने लाखों युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों तक जागरूकता संदेश सफलतापूर्वक पहुंचाया है।

अभियान में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका

स्वयं सहायता समूहों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और महिला संगठनों सहित महिलाओं को 'नशा मुक्त भारत अभियान' की सबसे बड़ी ताकत के रूप में उजागर किया गया है। उनके अमूल्य योगदान सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और परिवारों को मजबूत करने में सहायक हैं। उनके प्रयास नशामुक्त भारत को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण हैं।

पुनर्वास और सामाजिक स्वीकृति

लेख में नशीले पदार्थों की लत से उबरने वाले व्यक्तियों के प्रति सामाजिक धारणाओं को बदलने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। यह लोगों को उनके अतीत के बजाय, उनके सुधार के प्रयासों से आंकने की वकालत करता है। सफल पुनर्वास के लिए समाज को इन व्यक्तियों को खुले तौर पर स्वीकार करना और प्रोत्साहित करना, उन्हें जीवन में फिर से जुड़ने और आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना आवश्यक है।

क्यों मायने रखता है

नशीले पदार्थों की लत न केवल व्यक्तियों और परिवारों को प्रभावित करती है, बल्कि राष्ट्रीय विकास और भारत की युवा आबादी के भविष्य पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है, जो इसकी सबसे बड़ी संपत्ति है।

मुख्य तथ्य

  • Campaign Launch Date: August 15, 2020
  • Campaign Name: Nasha Mukt Bharat Abhiyan
  • Target Beneficiaries: Millions of lives
  • Key Supporters: Women (self-help groups, Anganwadi workers, women's organizations)
  • National Goal: Developed India & Drug-Free India

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