जम्मू-कश्मीर पुलिस ने PoK भागे 5 आतंकियों की संपत्ति जब्त की
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के पांच आतंकवादियों की अचल संपत्तियां जब्त की हैं, जो 1990 के दशक में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भाग गए थे। रियासी के महोर इलाके के इन आतंकवादियों का उद्देश्य इन संपत्तियों को बेचकर आतंकवादी गतिविधियों को वित्तपोषित करना था। यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 25 के तहत, आतंकी इकोसिस्टम पर व्यापक कार्रवाई के तहत की गई। जांच के दौरान, महोर के 30 अन्य आतंकवादी भी सामने आए जो PoK से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।
AI सारांश
3 bulletsआतंकी फंडिंग पर पुलिस की कार्रवाई
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 1990 के दशक में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भाग गए लश्कर-ए-तैयबा के पांच आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। उनकी अचल संपत्तियां गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जब्त कर ली गईं, जिसका उद्देश्य आतंकी गतिविधियों के लिए उनके वित्तीय समर्थन को खत्म करना है। यह कदम आतंकवाद के वित्तीय आधार को बाधित करने के लिए अधिकारियों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
PoK-आधारित आतंकियों को निशाना बनाया गया
ये सभी आतंकवादी मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के महोर इलाके के रहने वाले थे और दशकों से PoK से अपनी गतिविधियां चला रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि वे अपनी संपत्तियों को बेचकर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए धन जुटाने की फिराक में थे। पुलिस का यह रणनीतिक कदम इन सीमा पार के गुर्गों के लिए धन के एक महत्वपूर्ण स्रोत को खत्म करने का लक्ष्य रखता है।
जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क
जांच के दौरान, महोर इलाके के 30 अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए। माना जा रहा है कि ये व्यक्ति भी PoK से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं। पांच आतंकवादियों के खिलाफ वर्तमान कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा पूरे आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने के एक व्यापक अभियान का हिस्सा है।
जब्ती के लिए कानूनी ढाँचा
संपत्तियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 25 के तहत, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और E&IMCO अधिनियम की संबंधित धाराओं के साथ जब्त किया गया था। यह कानूनी ढांचा पुलिस को आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़ी संपत्तियों को निशाना बनाने और जब्त करने के लिए आवश्यक शक्तियां प्रदान करता है। यह कार्रवाई आतंकवाद से लड़ने के लिए मजबूत कानूनी उपायों को रेखांकित करती है।
क्यों मायने रखता है
यह कार्रवाई सीमा पार से संचालित आतंकवादियों की वित्तीय संपत्तियों को निशाना बनाकर जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद के लिए धन उगाहने वाले नेटवर्क और सहायता बुनियादी ढांचे को बाधित करती है।
मुख्य तथ्य
- •Terrorist Affiliation: Lashkar-e-Taiba
- •Number of Terrorists Targeted: 5 (initially), 30 others identified
- •Origin of Terrorists: Mahore, Reasi district, J&K
- •Current Location: Pakistan-occupied Kashmir (PoK)
- •Legal Basis for Action: UAPA Section 25, BNS, E&IMCO Act
- •Reason for Property Seizure: Funding terror activities
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