भरतपुर IG ने शुरू की 'ड्रग्स वॉरियर्स' योजना
भरतपुर रेंज की आईजी डॉ. प्रीति चंद्रा, जिन्हें 'लेडी सिंघम' के नाम से जाना जाता है, ने नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए 'ड्रग्स वॉरियर्स योजना' शुरू की है। इस पहल में प्रत्येक पुलिस थाने के YCLG से 1-2 नशामुक्त युवाओं को 'ड्रग वॉरियर्स' के रूप में चुना जाएगा, जो गुप्त रूप से बीट कांस्टेबल को नशीले पदार्थों की गतिविधियों के बारे में सूचित करेंगे। पुलिस इन युक्तियों को सत्यापित कर कार्रवाई करेगी, साथ ही वॉरियर्स की गुमनामी सुनिश्चित करेगी। यह योजना नशे के आदी लोगों को मरीज मानकर उन्हें परामर्श और उपचार देकर पुनर्वास पर भी ध्यान केंद्रित करती है, और इसका उद्देश्य नशीले पदार्थों के सिंडिकेट को खत्म करने के लिए खुफिया जानकारी जुटाना है। शैक्षणिक संस्थानों और हॉटस्पॉट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, और उत्कृष्ट वॉरियर्स को सम्मानित किया जाएगा।
AI सारांश
3 bulletsनशीले पदार्थों के खिलाफ नई पहल
भरतपुर रेंज की पुलिस महानिरीक्षक डॉ. प्रीति चंद्रा ने 'ड्रग्स वॉरियर्स योजना' नामक एक महत्वपूर्ण कार्ययोजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य भरतपुर रेंज के भीतर सक्रिय ड्रग सिंडिकेट को खत्म करना है। अपराधियों के खिलाफ अपने कड़े दृष्टिकोण के लिए जानी जाने वाली डॉ. चंद्रा अब तेजी से फैल रहे नशीले पदार्थों के व्यापार को निशाना बना रही हैं।
सामुदायिक भागीदारी और खुफिया जानकारी
इस योजना के मूल में स्थानीय युवाओं को 'ड्रग वॉरियर्स' के रूप में सशक्त बनाना शामिल है। प्रत्येक पुलिस थाने के युवा सामुदायिक संपर्क समूह (YCLG) से 1-2 सक्रिय और नशामुक्त सदस्यों का चयन किया जाएगा। इन वॉरियर्स को बीट कांस्टेबल से जोड़ा जाएगा और वे नशीले पदार्थों के तस्करों, आपूर्तिकर्ताओं और भंडारण स्थलों के बारे में गोपनीय जानकारी पुलिस तक पहुंचाएंगे ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके, और उनकी गुमनामी की गारंटी दी जाएगी।
केंद्रित क्षेत्र और पुनर्वास
संवेदनशील क्षेत्रों जैसे स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, औद्योगिक क्षेत्र और प्रमुख परिवहन मार्गों पर विशेष निगरानी लागू की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यह योजना नशे के आदी लोगों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाती है, उन्हें अपराधी के बजाय मरीज मानती है। चिकित्सा, सामाजिक न्याय और नशा मुक्ति विभागों के सहयोग से उन्हें मुफ्त परामर्श, उपचार और पुनर्वास प्रदान किया जाएगा।
डॉ. प्रीति चंद्रा की पृष्ठभूमि
आईपीएस डॉ. प्रीति चंद्रा, जिन्हें अक्सर 'लेडी सिंघम' कहा जाता है, एक प्रमुख राजस्थान पुलिस अधिकारी हैं, जो अपराध के खिलाफ अपने कड़े रुख के लिए जानी जाती हैं। सीकर के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली उन्होंने 2008 में बिना कोचिंग के अपने पहले प्रयास में यूपीएससी पास की थी। आईपीएस में शामिल होने से पहले, उन्होंने पत्रकारिता और एक शिक्षक के रूप में काम किया, जिससे उनके पुलिसिंग करियर में विविध अनुभव आया।
करियर और वर्तमान भूमिका
डॉ. चंद्रा ने राजस्थान पुलिस में आईजी (कानून व्यवस्था) सहित विभिन्न महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उन्हें 15 जुलाई, 2026 को आईजी, भरतपुर रेंज नियुक्त किया गया था, जहाँ वे भरतपुर, डीग, धौलपुर और करौली जिलों की देखरेख करती हैं। इस भूमिका में उनकी प्राथमिकताओं में अपराध नियंत्रण, साइबर धोखाधड़ी, अवैध हथियार और नशीले पदार्थों के नेटवर्क से लड़ना शामिल है, जिससे एक क्षेत्र-उन्मुख अधिकारी के रूप में उनकी प्रतिष्ठा बनी हुई है।
क्यों मायने रखता है
यह योजना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बढ़ते नशीले पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए एक समुदाय-आधारित दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जिसमें स्थानीय युवाओं की भागीदारी और खुफिया जानकारी का लाभ उठाया जाता है। यह नशे के आदी लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान केंद्रित करती है, जो एक सामाजिक समस्या के प्रति अधिक मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
- •Scheme Name: Drugs Warriors Scheme (ड्रग्स वॉरियर्स योजना)
- •Initiator: Bharatpur Range IG Dr. Preeti Chandra
- •Target: Drug trafficking and drug mafia in Bharatpur Range
- •Key Component: Youth (1-2 per police station) selected as 'Drug Warriors' to provide intel
- •Rehabilitation Focus: Drug users treated as patients, offered counseling and free treatment
- •Jurisdiction: Bharatpur, Deeg, Dholpur, Karauli districts
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