गॉडजिला एल नीनो से भारतीय मॉनसून को खतरा, IMD ने की कमजोर बारिश की भविष्यवाणी

भारतीय मॉनसून, जो केरल में 4 जून को तीन दिन की देरी से पहुंचा, प्रशांत महासागर में तेजी से मजबूत हो रहे "गॉडजिला एल नीनो" से गंभीर खतरे में है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने इसके शुरू होने की पुष्टि की है, और 2026 में इसके 80-90% तक और मजबूत होने की संभावना है। नीनो 3.4 क्षेत्र में 0.9°C की वृद्धि (0.5°C पर इसे आधिकारिक एल नीनो माना जाता है) के कारण भारत में सामान्य से काफी कम बारिश हो सकती है, जिससे कृषि, खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी, क्योंकि 60% किसान खरीफ फसलों के लिए मॉनसून पर निर्भर हैं।
क्यों मायने रखता है
एल नीनो के कारण कमजोर मॉनसून भारत के कृषि उत्पादन को गंभीर रूप से बाधित कर सकता है, जिससे खाद्य मुद्रास्फीति होगी और लाखों किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। यह UPSC/SSC के GS3 (अर्थव्यवस्था, कृषि) और GS1 (भूगोल) विषयों से सीधा संबंधित है।
मुख्य तथ्य
- •Monsoon arrival in Kerala: June 4 (3 days late)
- •Nino 3.4 region temperature increase: 0.9°C (normal onset at 0.5°C)
- •WMO strengthening probability for 2026: 80-90%
- •India's annual rainfall from Monsoon: 70%
- •Farmers dependent on Monsoon for Kharif crops: 60%
- •Rainfall during 2015-16 El Nino: 86% of average
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