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खिरजा खास की महिलाओं ने पहाड़ी को हरा-भरा करने के लिए बनाए सीड बॉल्स

Briovo· 14 Jul 2026, 08:15 pm IST
खिरजा खास की महिलाओं ने पहाड़ी को हरा-भरा करने के लिए बनाए सीड बॉल्स

जोधपुर के खिरजा खास में महिलाओं ने हजारों सीड बॉल्स बनाकर पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल की है। उपजाऊ मिट्टी, गोबर और चिकनी मिट्टी से बने इन सीड बॉल्स को मानसून के दौरान बंजर भाखर पहाड़ी और आसपास की भूमि पर बिखेरा जाएगा। इसका उद्देश्य बारिश के साथ बीजों को अंकुरित कर प्राकृतिक रूप से पौधे उगाना और क्षेत्र के हरित आवरण को बढ़ाना है। यह कम लागत वाली विधि ग्लोबल वार्मिंग के बीच पर्यावरण जागरूकता और जैव विविधता संरक्षण को भी बढ़ावा देती है।

AI सारांश

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सामुदायिक हरित पहल

जोधपुर के खिरजा खास गांव की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल की है। उन्होंने बंजर भूमि को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से हजारों सीड बॉल तैयार किए हैं। यह प्रयास व्यापक वन एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान का हिस्सा है।

सीड बॉल की संरचना और फैलाव

महिलाओं ने उपजाऊ मिट्टी, गोबर और चिकनी मिट्टी के मिश्रण का उपयोग करके इन सीड बॉल्स को सावधानीपूर्वक तैयार किया है। पर्यावरण प्रेमी गायड सिंह खिरजा ने बताया कि आगामी मानसून के दौरान इन सीड बॉल्स को खिरजा खास की ऐतिहासिक भाखर पहाड़ी और अन्य बंजर क्षेत्रों में बिखेरा जाएगा। उम्मीद है कि बारिश के संपर्क में आने पर बीज प्राकृतिक रूप से अंकुरित होंगे।

कम लागत और पर्यावरण-अनुकूल तरीका

इस तकनीक को कम लागत में अधिक पौधे उगाने का एक प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल तरीका माना जाता है। गायड सिंह खिरजा ने जोर देकर कहा कि सीड बॉल अभियान केवल वृक्षारोपण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समुदाय के सदस्यों के बीच अधिक पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाना भी है।

हरित आवरण और जैव विविधता को बढ़ावा

इन महिलाओं की पहल से क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। ग्लोबल वार्मिंग और घटते हरित क्षेत्रों की व्यापक समस्याओं को देखते हुए, सीड बॉल निर्माण जैसी प्राकृतिक विधियों को प्रभावी पर्यावरण संरक्षण के लिए भविष्य की महत्वपूर्ण रणनीतियों के रूप में देखा जाता है।

क्यों मायने रखता है

यह पहल मरुस्थलीकरण से लड़ने और पारिस्थितिक बहाली को बढ़ावा देने के लिए एक समुदाय-नेतृत्व वाला, कम लागत वाला समाधान प्रदर्शित करती है, जो समान पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहे अन्य शुष्क क्षेत्रों के लिए एक स्केलेबल मॉडल प्रदान करती है।

मुख्य तथ्य

  • Location: Khirja Khas, Jodhpur, Rajasthan
  • Initiative: Creation of thousands of seed balls
  • Materials: Fertile soil, cow dung, clay
  • Dispersal Time: Monsoon season
  • Dispersal Area: Bakhri hill and surrounding barren lands
  • Environmental Benefit: Increased green cover, biodiversity conservation

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