Briovo

Article

Indian RailwaysMokama BridgeBiharTrain Cancellation

बिहार: मोकामा में नए रेल पुल के काम से 845 ट्रेनें प्रभावित होंगी

Briovo· 02 Aug 2026, 09:10 pm IST
बिहार: मोकामा में नए रेल पुल के काम से 845 ट्रेनें प्रभावित होंगी

भारतीय रेलवे सितंबर और अक्टूबर 2026 में बिहार के मोकामा के पास एक नए डबल-लाइन रेल पुल के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य के कारण 845 ट्रेन सेवाओं को संशोधित करेगा। राजेंद्र पुल के समानांतर बना यह नया पुल व्यस्त दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर पर क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। 21 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित इस कार्य में नए पुल को मौजूदा रेल नेटवर्क से जोड़ना शामिल है। परिणामस्वरूप, 338 ट्रेनें रद्द होंगी, 384 डायवर्ट की जाएंगी और 123 शॉर्ट-टर्मिनेट/ओरिजिनेट होंगी, जिससे क्षेत्र के यात्रियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।

AI सारांश

3 bullets

बिहार में बड़ी रेल बाधा

भारतीय रेलवे ने सितंबर और अक्टूबर 2026 में 845 ट्रेन सेवाओं में महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। यह व्यवधान बिहार के मोकामा के पास एक नए डबल-लाइन रेल पुल को चालू करने के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य के कारण है। इस अवधि के दौरान यात्रा की योजना बनाने वाले यात्रियों को ट्रेन शेड्यूल जांचने की सलाह दी जाती है।

परियोजना का विवरण और दायरा

नया डबल-लाइन पुल गंगा नदी पर मौजूदा 1.9 किलोमीटर लंबे राजेंद्र पुल के समानांतर बनाया जा रहा है, जो 1959 से चालू है। 2015-16 के रेल बजट में ₹1,491.47 करोड़ की अनुमानित लागत पर स्वीकृत इस परियोजना का लक्ष्य रेलवे लाइन की क्षमता को दोगुना करना है। इसमें 1.9 किलोमीटर का मुख्य पुल और लगभग 14 किलोमीटर की पहुंच लाइनें, साथ ही कई छोटे पुल और सड़क/रेल ओवरब्रिज शामिल हैं।

ट्रेन सेवाओं पर प्रभाव

21 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 338 ट्रेनें रद्द होंगी। इसके अतिरिक्त, 384 ट्रेनों को उनके नियमित मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा, और 123 ट्रेनें शॉर्ट-टर्मिनेशन या शॉर्ट-ओरिजिनेशन का अनुभव करेंगी। ये बदलाव नए पुल को अपर हथियाह जंक्शन और बरौनी जंक्शन सहित विभिन्न जंक्शनों पर मौजूदा रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए आवश्यक हैं।

दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर को बढ़ाना

इस नए डबल-लाइन पुल से महत्वपूर्ण दिल्ली-हावड़ा रेल कॉरिडोर पर क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। बढ़ी हुई क्षमता सुचारू ट्रेन संचालन को सुविधाजनक बनाएगी, भीड़ को कम करेगी और भविष्य में यात्रा के समय को संभावित रूप से कम करेगी। यह परियोजना भारत के रेलवे बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण उन्नयन का प्रतिनिधित्व करती है, जो लंबे समय से चली आ रही क्षमता बाधाओं को दूर करती है।

आधिकारिक पुष्टि और तारीखें

पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने आगामी परिवर्तनों और उनके पीछे के कारणों की पुष्टि की। प्री-नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य 21 सितंबर को शुरू होने वाला है, जिसमें पूरी प्रक्रिया 4 अक्टूबर 2026 तक समाप्त होने की उम्मीद है। यात्रियों को आधिकारिक रेलवे घोषणाओं के माध्यम से अपडेट रहने की सलाह दी जाती है।

क्यों मायने रखता है

नए डबल-लाइन रेल पुल के चालू होने से दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर पर रेल क्षमता और कनेक्टिविटी में काफी वृद्धि होगी, जिससे लंबी अवधि में दक्षता में सुधार होगा और यात्रा का समय कम होगा। हालांकि, अस्थायी व्यवधान से हजारों दैनिक यात्रियों और माल ढुलाई सेवाओं पर असर पड़ेगा।

मुख्य तथ्य

  • Total Trains Affected: 845
  • Trains Cancelled: 338
  • Trains Diverted: 384
  • Trains Short-Terminated/Originated: 123
  • Work Period: September 21 - October 4, 2026
  • Project Cost: ₹1,491.47 crore

क्या यह मददगार था?

Reader pulse

0 votes
Test yourself

Generate a 5-question quiz from this article.

चर्चा

Discussion (0)

Loading…