संसद मानसून सत्र: लोकसभा में विनियोग विधेयक पारित, राज्यसभा में जन्म और मृत्यु विधेयक…
मानसून सत्र के 12वें दिन, लोकसभा ने विपक्ष के विरोध के बावजूद विनियोग (सं. 3) विधेयक, 2026 को ध्वनि मत से पारित कर दिया। साथ ही, राज्यसभा ने जन्म और मृत्यु (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य विलंबित पंजीकरण को और सख्त बनाना है, जिसमें दो साल के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट की मंजूरी आवश्यक होगी। राम मंदिर दान में कथित गबन, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और कावेरी जल विवाद सहित विभिन्न विपक्षी मुद्दों के कारण दोनों सदनों को दिन भर कई बार स्थगित करना पड़ा। कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे फिर से शुरू होगी।
AI सारांश
3 bulletsहंगामे के बीच विधायी कार्य संपन्न
मंगलवार को लोकसभा ने विपक्षी सदस्यों के लगातार विरोध के बावजूद ध्वनि मत से विनियोग (सं. 3) विधेयक, 2026 पारित कर दिया। साथ ही, राज्यसभा ने जन्म और मृत्यु (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी। इसके बाद दोनों सदनों को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया, और बुधवार सुबह 11 बजे कार्यवाही फिर से शुरू होगी।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण के लिए कड़े नियम
नए पारित जन्म और मृत्यु (संशोधन) विधेयक, 2026 में विलंबित पंजीकरण के लिए अधिक कड़े प्रावधान पेश किए गए हैं। दो साल के बाद किए गए पंजीकरण के लिए अब प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य जवाबदेही और सटीकता बढ़ाने के लिए बहुत देर से हुए पंजीकरणों के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेटों के बजाय न्यायपालिका को अधिकार प्रदान करना है।
विपक्षी विरोधों के कारण सदन स्थगित
मानसून सत्र का बारहवां दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों में लगातार विपक्षी विरोधों के कारण बार-बार स्थगन से चिह्नित रहा। सदस्यों ने राम मंदिर के लिए दान के कथित गबन, संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और कावेरी जल विवाद सहित विभिन्न चिंताओं को उठाया। ये व्यवधान महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर संसद के भीतर गहरे मतभेदों को उजागर करते हैं।
पिछले दिनों पारित हुए प्रमुख विधेयक
मंगलवार की कार्यवाही से पहले, लोकसभा ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से एक विधेयक पारित किया था। राज्यसभा ने उसी दिन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी। ये विधायी कार्रवाइयां लगातार संसदीय व्यवधानों के बावजूद प्रमुख सुधारों को पारित करने के सरकार के निरंतर प्रयासों को रेखांकित करती हैं।
क्यों मायने रखता है
विनियोग विधेयक और जन्म एवं मृत्यु विधेयक जैसे प्रमुख विधेयकों का पारित होना सरकार के विधायी एजेंडे को दर्शाता है, जबकि जारी विपक्षी विरोध प्रदर्शन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों और संसदीय व्यवधानों को उजागर करते हैं।
मुख्य तथ्य
- •Lok Sabha Action: Passed Appropriation (No. 3) Bill, 2026 by voice vote.
- •Rajya Sabha Action: Passed Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026.
- •Births & Deaths Bill Provision: Requires judicial magistrate (first class) order for registrations delayed beyond two years.
- •Parliamentary Disruptions: Both Houses faced multiple adjournments due to Opposition protests.
- •Opposition Issues: Ram Mandir donation embezzlement, police action on protestors, Cauvery water dispute.
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