पुणे-नाशिक रेल लाइन का GMRT पर असर: विशेषज्ञ समिति करेगी आकलन
महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने पुणे-नाशिक सेमी-हाई-स्पीड रेलवे लाइन के जाइंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (GMRT) पर पड़ने वाले प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल काकोडकर करेंगे। परमाणु ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों द्वारा इलेक्ट्रिक ट्रेनों से विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप की आशंका जताए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया। समिति दोनों प्रस्तावित मार्गों के विद्युत चुम्बकीय, परिचालन और संरचनात्मक प्रभावों की जांच करेगी और सुरंगों या एलिवेटेड संरचनाओं जैसे विकल्पों का सुझाव देगी। समिति 60 दिनों में महाराष्ट्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
AI सारांश
3 bulletsविशेषज्ञ समिति का गठन
महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने पुणे-नाशिक सेमी-हाई-स्पीड रेलवे लाइन के प्रस्तावित प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह समिति विशेष रूप से पुणे के खोडाड स्थित जाइंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (GMRT) पर ध्यान केंद्रित करेगी।
नेतृत्व और जनादेश
परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल काकोडकर इस महत्वपूर्ण समिति की अध्यक्षता करेंगे। समिति का प्राथमिक कार्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर GMRT पर रेलवे लाइन के विद्युत चुम्बकीय, परिचालन और संरचनात्मक प्रभावों का आकलन करना है।
चिंताएं और साइट की निकटता
परमाणु ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों ने पहले इलेक्ट्रिक ट्रेनों से संभावित विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप के बारे में चिंता जताई थी। रेलवे लाइन का प्रारंभिक संरेखण GMRT के करीब प्रस्तावित था, जो एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कम-आवृत्ति रेडियो खगोल विज्ञान वेधशाला है।
मूल्यांकन का दायरा
समिति दोनों प्रस्तावित रेलवे मार्गों की गहन जांच करेगी। यह वेधशाला पर प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए सुरंगों, एलिवेटेड संरचनाओं के निर्माण या रेल पथ के सीमित पुनर्संरेखण जैसे विभिन्न शमन विकल्पों का भी पता लगाएगी।
रिपोर्ट प्रस्तुत करना
विशेषज्ञ समिति को 60 दिनों के भीतर अपनी व्यापक रिपोर्ट महाराष्ट्र सरकार को प्रस्तुत करने का कड़ा समय दिया गया है। इस समयबद्ध रिपोर्ट से रेलवे परियोजना के सतत विकास और वैज्ञानिक सुविधा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण जानकारी और सिफारिशें मिलने की उम्मीद है।
क्यों मायने रखता है
GMRT विश्व की एक प्रमुख कम-आवृत्ति रेडियो खगोल विज्ञान वेधशाला है। रेलवे लाइन की निकटता इसके संवेदनशील संचालन को गंभीर रूप से बाधित कर सकती है, जिससे वैज्ञानिक अनुसंधान प्रभावित होगा।
मुख्य तथ्य
- •Committee Head: Anil Kakodkar (Former AEC Chairman)
- •Railway Project: Pune-Nashik Semi-High-Speed Rail Line
- •Affected Facility: Giant Metrewave Radio Telescope (GMRT) at Khodad, Pune
- •Concern: Electromagnetic interference from electric trains
- •Report Deadline: 60 days
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