तमिलनाडु के सीएम विजय ने एग्मोर बाल अस्पताल का निरीक्षण किया, घूसखोरी पर कार्रवाई के…
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने चेन्नई के एग्मोर स्थित सरकारी बाल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री अरुणाराज के साथ, उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, बुनियादी ढांचे और भविष्य की विस्तार योजनाओं की समीक्षा की, साथ ही मरीजों और परिचारकों से बातचीत भी की। विजय ने रिश्वतखोरी में शामिल अस्पताल कर्मचारियों, विशेषकर नवजात शिशुओं को देखने के लिए अवैध भुगतान मांगने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया। अस्पताल में बढ़ती मरीजों की संख्या के कारण अधिक शौचालय, एक कैंटीन और अतिरिक्त वार्डों की आवश्यकता है। इस निरीक्षण से बुनियादी ढांचे के उन्नयन और प्रशासनिक सुधारों की उम्मीद है, ताकि सुलभ और भ्रष्टाचार मुक्त सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
AI सारांश
3 bulletsएग्मोर अस्पताल का औचक निरीक्षण
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने चेन्नई के एग्मोर स्थित सरकारी बाल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। बुधवार, 8 जुलाई 2026 को, उन्होंने इस महत्वपूर्ण बाल चिकित्सा संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं, बुनियादी ढांचे और भविष्य की विस्तार योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरे के दौरान स्वास्थ्य मंत्री अरुणाराज और वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ थे।
मरीजों से बातचीत और प्रतिक्रिया
अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री विजय ने मरीजों और उनके परिचारकों से सीधे बातचीत की ताकि प्रदान की जा रही देखभाल की गुणवत्ता पर प्रतिक्रिया मिल सके। अधिकारियों ने उन्हें अस्पताल के कामकाज के बारे में भी जानकारी दी और बढ़ती स्वास्थ्य सेवा मांगों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के उन्नयन और नए भवन निर्माण के प्रस्तावों पर चर्चा की।
स्वास्थ्य सेवा में भ्रष्टाचार पर लगाम
निरीक्षण के दौरान जिन प्रमुख चिंताओं को संबोधित किया गया, उनमें रिश्वतखोरी का प्रचलन था, विशेषकर नवजात शिशुओं को परिवार के सदस्यों को दिखाने के लिए कर्मचारियों द्वारा अवैध भुगतान। स्वास्थ्य मंत्री अरुणाराज ने इन शिकायतों को स्वीकार किया, जो स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के भीतर एक व्यापक मुद्दे का संकेत है। मुख्यमंत्री ने ऐसी प्रथाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया।
सीएम का निर्देश: रिश्वतखोरी पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री विजय ने रिश्वतखोरी में शामिल किसी भी अस्पताल कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का सीधा आदेश जारी किया। उन्होंने यह अनिवार्य किया कि यदि भ्रष्टाचार की विश्वसनीय शिकायतें उनके खिलाफ प्राप्त होती हैं, तो अस्पताल और वार्ड-स्तरीय अधिकारियों को तुरंत पद से हटा दिया जाए। इस निर्देश का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता, जवाबदेही और मरीज-हितैषी सेवाओं को लागू करना है।
अस्पताल की मांगें और भविष्य की योजनाएं
अस्पताल के अधिकारियों और रोगी परिचारकों ने तत्काल आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला, जिसमें शौचालय सुविधाओं में वृद्धि और परिसर के भीतर एक कैंटीन की स्थापना का अनुरोध किया गया। उन्होंने लगातार बढ़ती रोगी संख्या को समायोजित करने के लिए अधिक वार्ड जोड़ने की भी मांग की। इस प्रतिक्रिया से अस्पताल में भविष्य के बुनियादी ढांचे के उन्नयन और प्रशासनिक सुधारों को आकार मिलने की उम्मीद है।
क्यों मायने रखता है
मुख्यमंत्री का सीधा हस्तक्षेप एक प्रमुख सार्वजनिक अस्पताल के भीतर स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे और व्यवस्थागत भ्रष्टाचार के महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करता है, जिससे हजारों बच्चों और उनके परिवारों पर असर पड़ता है।
मुख्य तथ्य
- •Chief Minister: Joseph Vijay
- •Hospital Inspected: Government Hospital for Children, Egmore, Chennai
- •Accompanying Official: Health Minister Arunraaj
- •Key Directive: Action against bribery concerning newborn baby viewings
- •Hospital Requests: More washrooms, a canteen, additional wards
- •Date of Inspection: Wednesday, July 8, 2026
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